लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे

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देहरादून। परिवहन विभाग में अब लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग अब यह पूरी व्यवस्था आनलाइन करने जा रहा है। इसके लिए इन दिनों एनआइसी के सहयोग से साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस महीने के अंत तक आनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे आवेदक घर बैठे अथवा कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा कर लर्निंग लाइसेंस बना सकेंगे।
उत्तराखंड में अभी लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए अभ्यर्थियों को आनलाइन आवेदन करने के बाद नियत तिथि पर परीक्षा देने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय जाना होता है। यहां इनकी परीक्षा कंप्यूटर पर ली जाती है। प्राप्तांक के आधार पर इन्हें पास अथवा फेल किया जाता है। इसी आधार पर इन्हें लर्निंग लाइसेंस दिया जाता है। लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए, क्योंकि वाहन चलाने की परीक्षा नहीं होती, इसे देखते हुए अब केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को आनलाइन करने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत आवेदक जब भी विभागीय पोर्टल पर लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा, उसे आनलाइन ही परीक्षा की तिथि मिल जाएगी। तय शुल्क और दस्तावेज जमा करने के बाद वह नियत तिथि पर घर बैठे-बैठे ही परीक्षा दे सकेगा। परीक्षा देने के कुछ ही समय बाद उसे परीक्षाफल के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी। यदि वह पास होगा तो उसे लर्निंग लाइसेंस भी आनलाइन ही जारी कर दिया जाएगा।
आयुक्त परिवहन दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस आनलाइन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए साफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। इसके साथ ही इसके लिए प्रश्नपत्र भी तैयार किया गया है। 60 फीसद सही उत्तर देने वालों को ही पास माना जाएगा। लर्निंग लाइसेंस बनाने के छह माह के भीतर लाइसेंस धारक को परमानेंट लाइसेंस बनाने के लिए कार्यालय ही आना होगा।

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