लोकसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया एलान, एक साल के भीतर टोल प्लाजा से मिलेगी निजात

Spread the love

नई दिल्ली, एजेंसी। देश के राष्ट्रीय राजमार्ग एक साल में टोल प्लाजा से फ्री हो जाएंगे। इसकी जगह सरकार जीपीएस आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम लाएगी। यह एलान सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में किया। जाहिर है कि इसके बाद फास्टैग की जरूरत भी खत्म हो जाएगी। गौरतलब है कि पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्गो पर 643 टोल प्लाजा हैं और 15 फरवरी से सभी वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्गो पर लगने वाले टोल की नई प्रणाली के बारे में बताते हुए सड़क परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पूरी तरह जीपीएस आधारित होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा राजमार्गो पर चलने वाले लोगों को होगा। उन्हें सिर्फ उतना ही टोल देना होगा, जितनी दूरी वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर चले हैं। जबकि टोल प्लाजा पर सभी को समान टोल चुकाना पड़ता है, चाहे वह बीच से ही राजमार्ग पर आया हो। नए सिस्टम की एक और खासियत यह होगी कि इसे जीपीएस के साथ गाड़िघ्यों के मालिकों के बैंक अकाउंट से भी जोड़ा जाएगा। इससे सड़क के इस्तेमाल से हिसाब से अपने आप बैंक से पैसे कट जाएंगे। फास्टैग की तरह पहले से रिचार्ज कराने का झंझट नहीं रहेगा।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को गूगल के साथ मिलकर नए सिस्टम का रोडमैप तैयार करने को कह दिया गया है। रोडमैप तैयार होने के बाद इसे फास्टैग की तरह क्रमबद्घ तरीके से लागू किया जाएगा। फिलहाल गडकरी ने इसकी समय सीमा एक साल तय कर दी है। केंद्रीय मंत्री गडकरी के अनुसार सभी नई गाड़िघ्यों में जीपीएस लगाना पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। पुरानी गाड़िघ्यों में जीपीएस लगाने के मामले में फास्टैग की तरह नई व्यवस्था की जाएगी। नितिन गडकरी ने कहा कि 15 वर्ष के बाद वाणिज्यिक वाहनों को पंजीकरण से हटाया जाएगा। 20 वर्ष के बाद प्राइवेट वाहनों को पंजीकरण से हटाया जाएगा। केंद्र, राज्य, नगर निगम, पंचायतों, एसटीयू, सार्वजनिक उपक्रमों और संघ और राज्य के साथ स्वायत्त निकायों के सभी वाहनों को 15 साल के बाद पंजीकरण से हटाया जाएगा और स्क्रैप किया जाए।
गडकरी ने कहा कि 20 वर्ष से अधिक पुराने 51 लाख वाहन हैं 15 वर्ष से अधिक पुराने 34 लाख वाहन और वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना 15 वर्ष से अधिक पुराने 17 लाख वाहन हैं। वाहन फिट करने के लिए तैयार हैं। पुराने वाहन 10-12 गुना अधिक वायु प्रदूषण करते हैं और सड़क सुरक्षा के लिए जोखिम भरे हैं।
उन्होंने कहा कि हम स्वैच्छिक वाहन बेड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, जो पुराने वाहनों को स्क्रैप करेगा और नए वाहनों को खरीदते समय आर्थिक रूप से लोगों का समर्थन करेगा। इस नीति से स्क्रैप सेंटर, अटो उद्योग और इससे जुड़े उद्योग लाभान्वित होंगे। नितिन गडकरी ने ये भी कहा कि देश के 93 प्रतिशत वाहन फास्टैग का उपयोग कर टोल का भुगतान करते हैं, लेकिन शेष 7 प्रतिशत वाहनों ने दोगुने टोल का भुगतान करने के बावजूद फास्टैग नहीं लगवाया है। उन्होंने कहा कि उन वाहनों के लिए पुलिस जांच का निर्देश दिया है जो फास्टैग का उपयोग कर टोल का भुगतान नहीं करते हैं। अगर वाहनों में फास्टैग फिट नहीं हैं तो टोल चोरी और जीएसटी चोरी का मामला है। फास्टैग टोल प्लाजापर शुल्क के इलेक्ट्रनिक भुगतान की सुविधा प्रदान करता है। 16 फरवरी 2021 से फास्टैग के बिना वाहनों को देश भर में इलेक्ट्रनिक टोल प्लाजा पर दोगुना टोल शुल्क देना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!