मानसून ने बढ़ाई मुश्किल, गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग ले रहा परीक्षा

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चमोली। राज्य में इस बार भी मानसून में भूस्खलन, भूधंसाव के चलते मार्ग बंद होने और खुलने की स्थिति बनती रही। गंगोत्री, यमुनोत्री मार्ग पर हो रहा भूस्खलन करीब हर दिन मुसीबत बन रहा है। बदरीनाथ मार्ग की कुछ राहत की स्थिति रही है। अन्य वर्षों की तुलना में इस बार बदरीनाथ हाईवे 24 घंटे से अधिक समय तक बंद नहीं रहा। इसका मुख्य कारण भूस्खलन व भूधंसाव क्षेत्रों में ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत उपचार किया जाना माना जा रहा है। हालांकि ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी के बीच हाईवे चौड़ीकरण कार्य न होने से तीर्थयात्रियों को जाम की परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, पिछली बार की तुलना में बारिश कम होना भी एक कारण माना जा रहा है।
गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर हो रहा भूस्खलन हर दिन बन रहा मुसीबत
उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड से जानकीचट्टी तक हो रहे चौड़ीकरण के कार्यों में अनियंत्रित कटान व योजना के तहत कार्य न होने के कारण स्यानाचट्टी, रानाचट्टी और सिलाई बैंड में कई दिनों तक आवाजाही बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पहाड़ों से गिर रहे बोल्डरों से भी कई लोग घायल हुए। गंगोत्री हाईवे पर धरासू, भटवाड़ी सहित नालूपानी के भूस्खलन जोन परेशानी का सबब बने हुए हैं। भटवाड़ी से डबरानी में अचानक हो रहा भूस्खलन भी मुसीबत बना हुआ है। आपदा के बाद से डबरानी, सोनगाड और भटवाड़ी आदि क्षेत्रों में अभी तक सुरक्षात्मक कार्य नहीं हो पाए हैं।
भूस्खलन क्षेत्रों के उपचार से सुगम तो तंग जगहों पर झेलनी पड़ी परेशानी
इस बार बदरीनाथ हाईवे 24 घंटे से अधिक समय तक बंद नहीं रहा। इसका मुख्य कारण भूस्खलन व भूधंसाव क्षेत्रों में ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत उपचार किया गया है।
हालांकि ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी के बीच हाईवे चौड़ीकरण कार्य न होने से तीर्थयात्रियों को जाम से परेशानी उठानी पड़ी। इस बार बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रही।
भूस्खलन की समस्या कम हुई
ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत हाईवे के संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों में किए गए उपचार कार्य से यात्रा के दौरान मार्ग पर आवागमन में बाधा में कमी आई। हाईवे पर क्षेत्रपाल और पागल नाला जैसे संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ी व हाईवे के उपचार से भूस्खलन की समस्या काफी कम हुई है। लामबगड़ में मोटर पुल बनने से भी यात्रा सुचारु रही। हाईवे पर एनएचआईडीसीएल और बीआरओ की ओर से पर्याप्त मशीनरी व मैनपावर तैनात की गई। 27 अगस्त को हाथी पहाड़ के पास सड़क ध्वस्त होने के बावजूद करीब आठ घंटे में मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया।

 

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