रुड़की। रुड़की रोडवेज बस अड्डा इन दिनों चालकों की भारी कमी से जूझ रहा है। पहले से ही स्टाफ की कमी का सामना कर रहे रोडवेज को मंगलवार को उस समय और बड़ी परेशानी उठानी पड़ी, जब चार चालक अचानक अवकाश पर चले गए। इसके चलते कई बसों का संचालन प्रभावित हुआ और करीब आठ बसें पूरे दिन बेड़े में ही खड़ी रहीं। रुड़की रोडवेज डिपो में लंबे समय से चालकों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में बसों की संख्या के मुकाबले करीब नौ चालकों की कमी बताई जा रही है। मंगलवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब चार चालक आवश्यक कारणों से अवकाश पर चले गए। अधिकारियों के अनुसार सभी चालकों की परिस्थितियां गंभीर थीं, जिसके चलते उन्हें छुट्टी देना जरूरी हो गया, लेकिन अचानक हुई इस कमी के कारण अतिरिक्त चार से पांच बसों का संचालन भी बाधित हो गया। सबसे ज्यादा असर लोकल रूटों पर देखने को मिला। देहरादून, हरिद्वार, सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए नियमित रूप से चलने वाली बसें प्रभावित होने से दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नौकरी, व्यापार और अन्य जरूरी कार्यों से यात्रा करने वाले लोग घंटों बसों का इंतजार करते रहे। कई यात्रियों को निजी वाहनों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा। रुड़की रोडवेज की एजीएम अमिता सैनी ने बताया कि डिपो में चालकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों को अवकाश देना भी जरूरी होता है। चालक कमी की समस्या से मुख्यालय को अवगत कराया जा चुका है और जल्द समाधान की उम्मीद है।