उत्तराखंड में मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, हो सकता है हिमस्खलन, लग सकती है जंगलों में आग

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देहरादून। उत्तराखंड में पारा मार्च में ही रिकार्ड बनाने की ओर अग्रसर है। पिछले करीब तीन सप्ताह से अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से छह डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
शुष्क मौसम के बीच चटख धूप भीषण गर्मी का एहसास करा रही है। ऐसे में अगले तीन तापमान में और इजाफा होने की आशंका है, यह सामान्य से सात से नौ डिग्री सेल्सियस तक अधिक पहुंच सकता है।इसके चलते मौसम विभाग ने मध्य हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने और हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। साथ ही वनों में आग की घटनाओं में इजाफा होने की आशंका जताई है।
पिछले कई दिनों से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क है। जिसके चलते पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। तीन सप्ताह से मैदानी इलाकों में पारा सामान्य से पांच-छह, जबकि पहाड़ी इलाकों में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क ही बना रहेगा। रविवार से मंगलवार के बीच प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तापमान में अत्यधिक उछाल आने के आसार हैं।इसके हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ पिघलने और हिमस्खलन की आशंका बन रही है। वनों में आग की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है। इसको लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
बदरीनाथ हाइवे पर हाथी पर्वत के पास सड़क चौड़ीकरण के कार्य के दौरान मलबा सीधे अलकनंदा नदी में डाले जाने पर स्थानीय निवासियों ने विरोध कर शिकायत स्थानीय प्रशासन से की है। बताया गया कि सड़क के चौड़ीकरण का कार्य करने वाली कंपनी डंपिंग जोन के बजाए मलबा सीधे नदी में डाल रही है। जिससे नदी प्रदूषित हो रही है।

 

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