नईदिल्ली, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई शहरों में आधिकारिक तौर पर मानसून पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा की। इससे राज्यों में पिछले काफी दिनों से चल रही भीषण गर्मी और उमस से निजात मिली। गुरुवार की सुबह दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी जिलों में भी बादल जमकर बरसे।
दिल्ली में मानसून की आधिकारिक घोषणा 27 जून को होती है, लेकिन इस बार यह 5 दिन की देरी से 2 जुलाई को आया है। पिछले साल 2025 में मानसून 2 दिन देरी से आया था, जब आईएमडी ने 29 जून को इसके आगमन की घोषणा की थी। 2016 और 2017 में भी मानसून 2 जुलाई को ही दिल्ली पहुंच गया था। वर्ष 2020 और 2023 में मानसून 25 जून को पहुंचा था और 2002 में 19 जुलाई आया था।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून कुछ दिन की देरी से पहुंचा है। यह अमूमन 22 जून तक पहुंच जाता है। हालांकि, 2 जुलाई से शुरू हुई बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है। आईएमडी ने 45 दिनों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले एक हफ्ते तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बुधवार को सबसे अधिक 113 मिलीमीटर बारिश बहराइच में दर्ज हुई है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि बारिश से 10 डिग्री तक तापमान गिरेगा।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत कई शहरों में भीषण बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण दृश्यता कम होने से सेंट्रल रेलवे नेटवर्क पर ट्रेन सेवाएं विलंबित हो गईं हैं। आईएमडी भारी बारिश को देखते हुए मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें सुबह से 3 घंटे के लिए कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र बारिश होने का पूर्वानुमान है। बारिश से मुंबई के दादर स्टेशन पर भी रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए।