जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मेरा युवा भारत (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) की ओर से भगवंत ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। इस दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में अल्फिशा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी हिमांशु नौटियाल ने युवाओं को माय भारत पोर्टल की जानकारी दी। इसके बाद अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के राजकुमार ने नशामुक्त युवा विषय पर विचार रखते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर ज्योति नेगी ने भी युवाओं के साथ चर्चा कर नशे से बचने के उपायों और नशामुक्त समाज के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन गौतम नेगी ने किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर पीएस राणा ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच से ही देश विकास के नए आयाम स्थापित करता है। यदि युवाओं की ऊर्जा नशे की गिरफ्त में आ जाए तो इसका दुष्प्रभाव व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, शराब और अन्य नशीले पदार्थ जीवन को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार युवा मित्रों के दबाव, तनाव, उत्सुकता या गलत संगत के कारण नशे की शुरुआत कर देते हैं। शुरुआत में यह सामान्य अनुभव लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालने लगती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की। कार्यक्रम के तहत नशामुक्त युवा विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें अल्फिशा ने प्रथम, अनिरुद्ध ने द्वितीय और आरुषि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।