जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय महाविद्यालय रिखणीखाल में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय बूट कैंप आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी देते हुए अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतारने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान का बेहतर उपयोग कर युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के विशेषज्ञ डा. डीएस चौहान ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा, व्यवसाय की स्थापना, व्यावसायिक अवसरों की पहचान और नवाचार के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी पाने के साथ ही रोजगार सृजन की दिशा में भी प्रयास करने चाहिए। इसके लिए अपने व्यावसायिक विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की जरूरत है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज उप्रेती ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना और उनमें रोजगार परक कौशल विकसित करना भी है। देवभूमि उद्यमिता योजना युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। योजना के नोडल अधिकारी डा. विपिन पंवार ने योजना के उद्देश्यों और महाविद्यालय में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, बागवानी, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यम स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। उचित प्रशिक्षण, नवाचार और व्यावसायिक दृष्टिकोण के माध्यम से युवा इन संभावनाओं को रोजगार के अवसरों में बदल सकते हैं। बूट कैंप में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।