एनएफपीई के बैनर तले डाक कर्मचारियों ने की एक दिनी हड़ताल

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चम्पावत। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डाक कर्मचारियों ने नेशनल फेडरेशन आफ पोस्टल इंप्लाइज (एनएफपीई) के बैनर तले गुरुवार को एक दिनी हड़ताल की। इस दौरान डाकघर बंद रहे। इससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। डाक कर्मचारियों ने सरकार से डाकघरों में पांच दिन का कार्य समाप्त लागू करने, एनपीएस को बंद करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, जीडीएस कर्मचारियों के लिए गठित कमलेश चंद्र कमेटी की बाकी सभी सिफारिशों को लागू करने, महंगाई भत्तों पर रोक को खत्म करने, वेतन पुनरीक्षण पांच वर्ष में करने, आठवां वेतन आयोग गठित करने, सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार वेतन निर्धारण फार्मूला को लागू करने समेत कई मांग की। वहीं आल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन ने केंद्रीय ट्रेड यूनियन की ओर से आयोजित एक दिवसीय हड़ताल को अपना समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि 2017 देय वेतन पुनº निर्धारण करने, श्रमिक विरोधी परिवर्तनों पर रोक लगाने, एलआईसी के शेयर बेचने पर रोक लगाने, इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने सहित विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श किया। इस दौरान शाखा अध्यक्ष दिनेश चंद्र भट्ट, सचिव खुशाल सिंह, हिमांशु सिंह, महेश गंगवार, तस्ण गोवासी कोटी, जितेश चौहान आदि मौजूद रहें।
निजीकरण के विरोध में बंद रहे चम्पावत के बैंक: निजीकरण के विरोध और अन्य मांगों को लेकर एसबीआइ को छोड़ अन्य बैंक बंद रहे। जिससे दूर दराज से आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने शीघ्र माग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आदोलन की चेतावनी दी है। जिला मुख्यालय में नैनीताल, सहकारी, कैनरा, यूनियन, यूको, आइडीबीआइ, सेंट्रल बैंक आदि बंद रहे। अलबत्ता भारतीय स्टेट बैंक में रोज की तरह कामकाज हुआ। नैनीताल बैंक के शाखा प्रबंधक सुखविंदर रावत ने बताया कि श्रम कानून और निजीकरण के विरोध में बैंक में हड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी एनपीए वसूली में तेजी लाने, बड़े लोन डिफाल्टरों पर कार्रवाई करने, ब्याज दर बढ़ाने, नई भर्ती करने, आउटसोर्स से भर्ती बंद करने, नई पेंशन योजना लागू करने आदि की माग की।

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