दुबई, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट हम्माम अल-हम्मानी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, सह-पायलट की योजना विमान के कप्तान की हत्या करने, विमान के इंजन बंद करने और उसे तेल अवीव में किसी इमारत से टकराने की थी। यह साजिश अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों जैसी घटना को अंजाम देने की दिशा में थी।
रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मानी ने संयुक्त अरब अमीरात में पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को बताया कि वह पहले कैप्टन को रास्ते से हटाना चाहता था। इसके बाद वह विमान पर नियंत्रण हासिल कर उतरने की अनुमति लेता और तेल अवीव के निकट बेन गुरियन हवाई अड्डे के आसपास विमान को किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराने की योजना को अंजाम देता।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सह-पायलट ने जॉर्डन के ऊपर पहुंचने तक विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की योजना बनाई थी। उसका मानना था कि इस स्थान से उसे हमले को अंजाम देने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता था। फिलहाल जांच में उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के प्रमाण सामने नहीं आए हैं और आशंका है कि वह इस साजिश में अकेले ही शामिल था।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अल-हम्मानी ने जुलाई में इस हमले की योजना बनाई थी, लेकिन चालक दल के एक सदस्य से दोस्ती के कारण उसने अंतिम समय में अपना इरादा बदल दिया था।
बताया गया है कि घटना के दौरान सह-पायलट ने विमान की स्वचालित उड़ान प्रणाली बंद कर दी और नियंत्रण छड़ी को नीचे की ओर धकेल दिया। इसके चलते विमान तेजी से नीचे उतरने लगा। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने महज 30 सेकंड में करीब 16,000 फुट की ऊंचाई खो दी और उसकी गति लगभग 970 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। इस दौरान विमान का पिछला दिशा-नियंत्रक भी क्षतिग्रस्त हो गया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, अल-हम्मानी फ्लाईदुबई में काम करने के दौरान पिछले कुछ महीनों में कई बार बेन गुरियन हवाई अड्डे का दौरा कर चुका था। बताया गया है कि उसने जून में भी वहां जाकर कथित तौर पर हमले से संबंधित जानकारी जुटाई थी। इससे जांच एजेंसियों को उसकी पूर्व नियोजित साजिश के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।