लखनऊ , उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी की ओर से जारी सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही उन अटकलों पर भी विराम लग गया, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा उपाध्यक्ष स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने की संभावना जताई जा रही थी।
भाजपा की ओर से जारी सूची में पिछड़ा वर्ग के तीन नेताओं को स्थान दिया गया है। इसके अलावा दलित वर्ग से दो और सामान्य वर्ग से तीन नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने सूची में दो महिला नेताओं को भी शामिल किया है। इनमें प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार के नाम हैं।
प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से पूर्व सांसद रह चुकी हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता पी.एल. पुनिया को हराया था। वहीं धर्मपाल सिंह लोधी समाज से आते हैं और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
उम्मीदवारों की घोषणा से पहले भाजपा के संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम चर्चा में थे। इनमें स्मृति ईरानी, वरुण गांधी, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा, गीता शाक्य, राजवीर सिंह, प्रियंका रावत, कौशल किशोर, हरदीप पुरी, बृजलाल, प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य के नाम शामिल थे। हालांकि पार्टी ने प्रियंका सिंह रावत को छोड़कर इनमें से किसी अन्य नाम को इस चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया है।
राज्यसभा चुनाव के लिहाज से भाजपा की सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। दलित वर्ग से जुड़े प्रमुख नेताओं में बृजलाल और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में पार्टी की ओर से नए उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने फिलहाल आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। अब चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ नामांकन और अन्य दलों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा पर सभी की नजरें रहेंगी।