बीआरओ के स्थापना दिवस में बोले राजनाथ सिंह- देश की सीमा के पहरेदारों को सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता

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नई दिल्ली, एजेंसी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में अपना संबोधन भी दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सीमाओं की रक्षा करने वालों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित करना सरकार की व्यापक रक्षा रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है।
राजनाथ ने आगे कहा, आज बीआरओ मित्र राष्ट्रों में भी अपनी सेवाएं देकर उन्हें हमसे जोड़ने का काम भी कर रहा है। पिछले 6 दशकों से बीआरओ सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है। 1960 में 2 प्रोजेक्ट से बढ़कर अब ये 18 प्रोजेक्ट तक पहुंच गया है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता उन लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराना है जो हमारी सुरक्षा के लिए दिन रात काम कर रहे हैं, जो इस देश की सीमा के पहरेदार हैं।
राजनाथ ने कहा कि हम उत्तरी क्षेत्र में चीनी उपस्थिति से अवगत हैं। वे कुशल निर्माण तकनीकों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने की कोशिश करते हैं। बीआरओ को समानांतर में काम करना चाहिए और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए। सरकार इस दिशा में बीआरओ को सहयोग दे रही है।
रक्षामंत्री ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बीआरओ की भी सराहना की। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि यह अब देश के समग्र विकास के लिए ष्नया प्रवेश द्वारष् बन गया है।
राजनाथ ने कहा कि मानव सभ्यता की यात्रा में सड़कों का बहुत महत्व रहा है। शिक्षा हो या स्वास्थ्य, व्यापार या खाद्य आपूर्ति, सेनाओं की सामरिक जरूरतें, उद्योग या सामाजिक-आर्थिक प्रगति के अन्य कार्य, सड़कों और पुलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बीआरओ ने अब तक 60,000 किमी सड़क, 850 पुल, 19 हवाई पट्टी और 4 सुरंगों का निर्माण किया है। अटल सुरंग के निर्माण में बीआरओ ने पूरी दुनिया को अपना इंजीनियरिंग कौशल दिखाया।

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