पहाड़ी पार्टी 2022 मे 55 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, हरिद्वार और यूएस नगर में नहीं लडे़गी चुनाव भाजपा छोड़ पहाड़ी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की

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जयन्त प्रतिनिधि।
सतपुली। पहाड़ी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता मंगत सिंह रमोला ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आज पहाड़ी पार्टी जन-जन की पार्टी बन गई है। बहुत कम समय में हमें अपार जनसमर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि 2022 में पहाड़ी पार्टी 55 सीटों पर चुनाव लडे़गी। पार्टी हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में चुनाव नहीं लड़ेगी। किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेंगे। श्री रमोला ने कहा कि पहाड़वाद एक जूनून है एक विचार धारा है, एक आंदोलन है। पहाड़ी पार्टी पहाड़ों में जनहित से जुड़े हुए हर मुद्दे को लगातार उठा रही है। बीस साल के भ्रष्टाचार ने उत्तराखंड राज्य में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। जिसका पहाड़ी पार्टी पुरजोर विरोध करती है। इस दौरान मोती सिंह रावत ने भाजपा से त्यागपत्र देकर पहाड़ी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमें धोखे में रखा है व धरातल में कोई भी कार्य नहीं कर रही है।
पहाड़ी पार्टी के केंद्रीय प्रवक्त मंगत सिंह रमोला प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अन्य प्रदेशों में जहां क्षेत्रीय दल मजबूती से काम कर रहे हैं उत्तराखंड में एक भी क्षेत्रीय दल धरातल में कार्य नहीं कर रहा है। जिस कारण बारी-बारी भाजपा और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियां सत्ता में रही है। बीस सालों में गांव के गांव वीरान हो गये, मकान खंडहर में तब्दील हो गये है, खेत बंजर हो गये है। उन्होंने कहा कि जातिवाद, शराब व निजी स्वार्थ की राजनीति पहाड़ी राज्य को बर्बाद कर रह रही है। राष्ट्रीय पार्टियों ने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु कई क्षेत्रीय दल पैदा कर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। इसलिए सशक्त राजनीतिक विकल्प देने के लिए ही पहाड़ी पार्टी का गठन किया गया है। इस अवसर पर शैलेन्द्र सिंह रावत चौबट्टाखाल विधानसभा प्रत्याशी ने कहा कि जितनी भी सरकारे आई सबने सिर्फ अपना मतलब निकाला है और आज भी स्वरोजगार के नाम पर वोटों की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि आजकल दो ही शब्द सुनने को मिलते हैं पलायन और प्रवासी। हमने सोचा था कि हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड का विकास होगा लेकिन राष्ट्रीय पार्टियों ने उत्तराखंड को बिहार बना दिया। सरकार हर साल शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मदों में बजट बढ़ाती तो है पर किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं करती। ये बजट सिर्फ नेताओं की जेब भरने के लिए ही रहता है। इस मौके पर मंगत सिंह रमोला केन्द्रीय प्रवक्ता, शैलेन्द्र सिंह रावत, वीरेन्द्र कुमार परवाना ब्लाक अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, शिशुपाल सिंह रावत, मोती सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

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