पकड़ में नहीं आ रहा आदमखोर गुलदार, कॉबिंग में जुटी हैं वन विभाग की टीम व 5 शूटर, गुलदार के आंतक से ग्रामीण भयभीत

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अल्मोड़ा। नगर पंचायत भिकियासैंण के बाड़ीकोट में मासूम बच्ची को निवाला बनाने वाला आदमखोर गुलदार पकड़ में नहीं आ सका है। जबकि गुलदार को सर्च करने में 5 शूटर और वन विभाग की टीम रात को संघन कॉबिंग में जुटे हैं। इसके बाद भी गुलदार अभी तक पकड़ में नहीं आ सका है। इससे लोगों में गुलदार के प्रति दहशत है। गौरतलब है कि बाड़ीकोट में 11 दिन पहले 7 वर्षीय मासूम बच्ची को गुलदार ने निवाला बना लिया था। जिसके बाद गुलदार को पकड़ने के लिये दो पिंजरे व 4 कैमरे लगाये गये हैं। वन विभाग की टीम के साथ देहरादून व उत्तर प्रदेश से पहुंचे 5 शिकारी भी गुलदार को सर्च करने में जुटे हैं। टीम रात को भिकियासैंण सिनार मार्ग व बाड़ीकोट जैनल मार्ग सहित विभिन्न जगहों से तीन चार किमी के दायरे में तेज लाइट के फोकस व दूरबीन लगागार सर्च करने के अभियान में जुटी है। आसपास के गधेरे व जंगल भी छान लिये हैं। लेकिन आदमखोर गुलदार अभी सर्च नहीं हो सका है। वह अब तक पिंजरों में बांधी गई बकरियों के नजदीक भी नहीं पहुंचा है। रेंज अधिकारी हरीश चंद्र टम्टा ने बताया कि टीम अभियान में जुटी है। पहले इसकी पहचान करना आवश्यक है कि यह वही आदमखोर गुलदार ही है। आसपास के जंगल, गधेरों, खेतों व नदी किनारे इसके आने जाने के निशान जहां भी दिखायी देगें उसके आधार पर भी ट्रैस किया जायेगा। लेकिन कुल मिलाकर 11 दिन बाद भी आदमखोर गुलदार की हलचल दिखाई नही दी है। इसी दशहत के चलते सुबह व शाम को बाड़ीकोट सिनार व जैनल बाड़ीकोट मार्ग पर नगर के महिलाओं व बच्चों ने टहलना बंद कर दिया है।

गुलदार के आंतक से ग्रामीण भयभीत
भिकियासैंण। बीते तीन चार माह से विकास खंड के जैंठा, रेड़ी, कोटियाग ,रिखाड़, बिनायक, नैनीसेरा, दलमोड़ी , इंडा,नौरण घाटी आदि जगहों में गुलदारों का आतंक बना हुआ है। दिन में ही गुलदार के आबादी वाले क्षेत्र में विचरण करते हुए दिखाई देने से लोगों में खौफ है। गुलदार अब तक कई मवेशियों को निवाले बना चुका है। जगह-जगह जंगल छोड़कर आबादी वाले जगहों में गुलदारों की धमक से ग्रामीण भयभीत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह ने बताया है कि धमेड़ा गांव में एक हफ्ते से गुलदार दिन में दो तीन बजे ही घरों के नजदीक खेतों में दिखायी दे रहा है। जिससे महिलायें खेती के काम करने से डरने लगी हैं। बच्चों के लिये खतरा बना हुआ है।

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