पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के लिए स्वास्थ्य विभाग व मंत्रालय जिम्मेदार

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। पर्वतीय क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यूथ कांग्रेस ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य
कर्मियों की लापरवाही के कारण कई लोगों की आकस्मिक मौत हो रही है। कुछ दिन पहले ही रिखणीखाल ब्लॉक निवासी एक महिला की स्वास्थ्य विभाग की
लापरवाही के कारण मौत हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जो बदहाली है उसके लिए स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य मंत्रालय
जिम्मेदार है। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार को
निर्देशित करने की मांग की है।
बुधवार को यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष विजय रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
किया। साथ ही सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विजय रावत ने कहा कि रिखणीखाल ब्लॉक निवासी 30 वर्षीय स्वाति ध्यानी को 28
जून 2020 को प्रसव पीड़ा के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में भर्ती कराया गया था। जहां 29 जून को उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। अत्यधिक
रक्तस्राव से उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। स्वाति की मृत्यु जहां स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही, समय से हायर सेंटर राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार रैफर न करने
से हुई, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में वर्तमान सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था के
प्रति गैर जिम्मेदारी के कारण उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्र में आम होती जा रही है। प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जहां डॉक्टरों की भारी कमी है, वहीं वर्तमान
सरकार के द्वारा स्वास्थ्य विभाग सहित तमाम विभागों में विगत तीन वर्षों से नियुक्तियों पर अघोषित प्रतिबन्ध लगाया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव में
स्वास्थ्य विभाग की स्थिति और भी अधिक बदहाल हो गई है। जिस कारण पर्वतीय क्षेत्रों के लोग पलायन करने को मजबूर है।
विजय रावत ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र्र ंसह नेगी द्वारा स्वास्थ्य महकमें की बदहाल व्यवस्था को सही करने के लिए गंभीर प्रयास
किये गये थे। पर्वतीय क्षेत्र में स्वास्थ्य लाभ लेने हेतु बसे अस्पताल कोटद्वार को पूर्णत: विकसित किया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार की अदूरदर्शिता के कारण
जहां डॉक्टर, मैन पावर एवं तकनीशियनों की नियुक्ति न होने से स्थितियां स्वास्थ्य लाभ के प्रतिकूल बनती जा रही है। उन्होंने जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार न
होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. चन्द्रमोहन खरक्वाल, महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, बलवीर्र ंसह रावत,
महावीर सिंह, नीरज बहुगुणा, सूर्णमणि, सुनील थापा आदि शमिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!