रुद्रप्रयाग : राष्ट्रीय स्वयं सेवक रुद्रप्रयाग की ओर से गुरुवार को अलकनंदा और मंदाकिनी संगम मंदिर परिसर में विजयदशमी उत्सव मनाया गया। इस दौरान संघ के उद्देश्य पर भी व्यापक चर्चा की गई, जबकि संगठित समाज के महत्व के बारे में बताया गया। आरएसएस के वरिष्ठ सदस्य सच्चिदानंद नौटियाल की अध्यक्षता में आयोजित विजयदशमी उत्सव में मुख्य वक्ता पूर्व प्रधानाचार्य एवं विद्या भारती के सह प्रांत मंत्री चंद्रशेखर पुरोहित ने कहा कि डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में नागपुर में संघ की स्थापना करते हुए संघ का उद्देश्य भारत माता को परम वैभव पर ले जाना है। इसके लिए शाखा रूपी कार्य पद्धति स्थापित की, जिसमें स्वयं सेवक परम पवित्र भगवा ध्वज की छत्रछाया में मंत्र रूपी संघ प्रार्थना के साथ ही तंत्र के रूप में 60 मिनट की संघ की शाखा आयोजित की जाती है, जिसमें योग, आसन, खेल, सूर्य नमस्कार के माध्यम से स्वयं सेवकों का शारीरिक विकास, मानसिक, नैतिक,चारित्रिक विकास कर व्यक्तित्व निर्माण किया जाता है। कहा कि संघ का मानना है कि व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज व राष्ट्र का निर्माण होता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने योग एवं आसन किए। कार्यक्रम अध्यक्ष सच्चिदानंद नौटियाल कहा गया कि आज के भाग दौड़ भरी तनावपूर्ण दिनचर्या में हमें अपनी शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रात: कालीन एवं शायं कालीन संघ की शाखों में प्रतिभाग करना चाहिए। इस मौके पर रुद्रप्रयाग के जिला प्रचार प्रमुख शशि मोहन उनियाल सहित अन्य मौजूद रहे। (एजेंसी)