नई दिल्ली , कैलास मानसरोवर यात्रा को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। दुनिया की दुर्गम यात्राओं में शामिल, इस पवित्र यात्रा की शुरूआत जून में होगी और अगस्त तक चलेगी।
इस बार भी यह यात्रा कुमाऊं के रास्ते पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से दस दलों में पांच सौ यात्री रवाना होंगे। जबकि सिक्किम के नाथुला दर्रे से भी पांच सौ शिवभक्त यात्रा पर जाएंगे।
यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण बुधवार (29 अप्रैल) से शुरू हो चुके है। यात्रा जून के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होगी। प्रति यात्री खर्च को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विदेश मंत्रालय की बैठक में पिछली बार की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अब केएमवीएन की ओर से यात्रा तैयारियां शुरू की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों का चयन आवेदकों में से एक कंप्यूटर-आधारित और लिंग-संतुलित चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, आवेदक वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं और अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।