ऋषिकेश(। मूसलाधार बारिश ने ऋषिकेश में ताबाही मचाई। बरसाती नदी चंद्रभागा उफान पर आ गई, जिससे ढालवाला क्षेत्र में 50 मीटर क्षेत्र में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे क्षेत्र की आबादी को खतरा पैदा हो गया। इसी तटबंध से होकर गुजर रही ट्रीटमेंट प्लांट की सीवर लाइन भी टूट गई। न्यू त्रिवेणी कॉलोनी में भी नदी ने तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया है। बरसाती पानी 48 से ज्यादा घरों में घुस गया, जिससे लोगों का सामान खराब हो गया। सिंचाई विभाग फौरी तौर पर वायरक्रेट और रेत के कट्टों के सहारे तटबंध बनाने का प्रयास कर रहा है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक बरसाती नदी चंद्रभागा का रौद्र रूप देखकर ऋषिकेश और ढालवाला क्षेत्र के लोग सहम गए। नदी का पानी गंगोत्री हाईवे पर ढालवाला में बने पुल के ऊपर से बहा। नया चंद्रभागा पुल के नजदीक बरसाती नदी कटाव करते हुए तटबंध का करीब 50 मीटर हिस्सा बहा ले गई। तटबंध बहते ही नदी का पानी घरों में घुसने के डर से ढालवाला क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर सिंचाई विभाग, पुलिस और नगरपालिका के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नदी का पानी आबादी में घुसने से रोकने के लिए फौरी तौर पर रेत के कट्टों से अस्थायी तटबंध का निर्माण शुरू किया। वायरक्रेट के माध्यम से भी नदी का रूख मोड़ने का प्रयास किया। वहीं, ऋषिकेश में चंद्रभागा का पानी तटबंध को क्षतिग्रस्त करते हुए न्यू त्रिवेणी कॉलोनी के 48 से ज्यादा घरों में घुस गया। बरसाती पानी घरों तक पहुंचने से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। कीमती सामान को बचाने के लिए कॉलोनी के वासी जद्दोजहद करते दिखे। मेयर शंभू पासवान भी कॉलोनी में प्रभावितों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नदी का पानी आबादी में घुसने से रोकने के लिए तत्काल इंतजाम करने के निर्देश दिए। उधर, सहायक अभियंता दरम्यिान सिंह ने बताया कि आबादी के सुरक्षा के लिए वायरक्रेट आदि डाली जा रही है। बरसात के बाद यहां स्थायी तटबंध का काम शुरू किया जाएगा। बताया कि फिलहाला आबादी पर मंडरा रहा खतरा टल गया है।
नदी में फंसे तीन लोगों को किया रेस्क्यू: बरसाती नदी चंद्रभागा में मंगलवार सुबह करीब सात बजे तीन लोग फंस गए। उन्होंने नदी में खड़े एक ट्रक पर चढ़ाव कर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने ट्रक पर फंसे खुशहाल सिंह निवासी चिन्यालीसौड़, मनोज रावत निवासी चंबा और बॉबी पंवार निवासी ढालवाला, टिहरी का सकुशल रेस्क्यू किया।
मुनिकीरेती में पेड़ गिरा, मलबा आया: निकीरेती मुख्य मार्ग पर पीडब्ल्यूडी तिराहे के पास एक भारी-भरकम पेड़ अचानक आ गिरा। गनीमत रही कि पेड़ की चपेट में कोई वाहन व व्यक्ति नहीं आया। तपोवन के नजदीक भी मार्ग पर अचानक पहाड़ से मलबा गया है, जिसे पीडब्ल्यूडी ने जेसीबी के माध्यम से हटाया। मुनिकीरेती में मार्ग पर कहीं पेड़, तो कहीं मलबा आने से सुबह से लेकर दोपहर तक आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस को तपोवन-ऋषिकेश आवाजाही के लिए मुनिकीरेती में वैकल्पिक रूटों से वाहनों को गुजरना पड़ा।
मनसा देवी मंदिर के तिराहे पर फंसे वाहन: भारी बारिश से हरिद्वार बाइपास मार्ग स्थित मनसा देवी मंदिर का तिराहा दरिया बन गया है। यहां घुटनों तक बरसाती पानी होने से दोपहिया वाहन फंस गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने वाहन व चालकों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि यह घटना सुबह करीब सात बजे बाद की है। तिराहे पर ऋषिकेश वन रेंज के जंगलों से भारी मात्रा में बरसाती पानी आया। वहीं, तिराहे पर बरसाती पानी पहुंचने से वाहनों की रफ्तार भी थम गई। यहां जलभराव की वजह से दिनभर स्लो ट्रैफिक की समस्या बनी रही।
वीरभद्र और ठाकुरपुर में घरों में घुसा पानी वीरभद्र क्षेत्र में मंगलवार को रंभा नदी का पानी करीब 12 घरों में घुस गया है। जिससे लोगों का खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। वहीं, सौंग का पानी ठाकुरपुर ग्रामसभा में भी घुस गया। यहां भी दर्जनों ग्रामीण जलभराव से परेशान दिखे। संत निरंकारी मिशन के सेवादारों ने अभियान चलाकर प्रभावित ग्रामीणों के घरों से बरसाती पानी व कीचड़ साफ करने में सहायता की।