नई दिल्ली। राज्यसभा में ”वंदे मातरम” को लेकर सख्त कानून के प्रस्ताव पर आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का अपमान नहीं होना चाहिए, लेकिन तिरंगे और जन गण मन का अपमान करने वालों पर कार्रवाई कब होगी? इसके लिए कानून पहले से मौजूद है।
संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा, आज वही बिल ला रहे हैं, जिन्होंने 52 साल तक आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने पत्रिका ”ऑर्गेनाइजर” (28 दिसंबर 1949) के अंक का हवाला देते हुए कहा कि उसमें राष्ट्रगान को मनोरंजन की एक वस्तु बताया गया था। साथ ही डॉ. हेडगेवार के 21 जनवरी 1930 के पत्र का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने तिरंगे का विरोध किया था।
संजय सिंह ने कहा कि वंदे मातरम का अर्थ मातृभूमि की वंदना है। वे भी भारत माता की जय बोलते हैं, लेकिन असली वंदना तब होगी जब सरकार भारत माता के बेटे-बेटियों, किसानों और मजदूरों का सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार तिरंगे और राष्ट्रगान के अपमान पर भी बिल लाए तो उसका पूरा समर्थन करेंगे।