पुरोला। यमुना घाटी के प्रमुख आस्था केंद्र श्रीगुल मंदिर के दिन संवरने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार की आस लगाए बैठे श्रद्धालुओं को अब मुख्यमंत्री की घोषणा से उम्मीद बंधी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरोला क्षेत्र के श्रीगुल मंदिर सहित छह मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्यों को अपनी घोषणाओं में शामिल किया है। हालांकि, इन कार्यों को धरातल पर उतरने के लिए अब शासनादेश जारी होने का इंतजार है।मुख्यमंत्री की घोषणा में पुरोला गांव स्थित ऐतिहासिक श्रीगुल मंदिर के अलावा खलाड़ी का जागमाता मंदिर, महारगांव का भगवती मंदिर, सुनाली का रघुनाथ मंदिर, कण्डियाल गांव का कपिल मुनि मंदिर और कोटला भसुना का रघुनाथ मंदिर शामिल हैं। प्रस्तावित कार्यों के तहत मंदिर परिसरों का विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाना है। इनमें श्रीगुल मंदिर को लेकर विशेष उम्मीदें हैं। यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विकास से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिलने के साथ ही मंदिर को धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
इससे स्थानीय व्यापार और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है।