उत्तराखंड

आम जनता पर सितम तो सरकारी विभागों पर करम

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-जल संस्थान पर 4338.85 लाख का बकाया, फिर भी ऊर्जा निगम नहीं कर रहा ठोस कार्रवाई
-सरकारी विभागों को सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित रहती है कार्रवाई, जबकि आम जनता के काट दिए जाते हैं कनेक्शन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जल संस्थान समेत कई ऐसे विभाग हैं जिन्होंने लंबे समय से करोड़ों रुपये के बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, लेकिन ऊर्जा निगम इन विभागों पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित रहता है। जबकि, आम जनता अगर किसी मजबूरी के चलते कुछ समय तक बिल का भुगतान न करे तो उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं। उधर, दूसरी ओर जल संस्थान व अन्य विभागों को शायद बिलों के भुगतान में कोई दिलचस्पी ही नहीं है। यदि ऐसा न होता तो उन पर करोड़ों रुपये की देनदारी न रहती।
ऊर्जा निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार जल संस्थान के कोटद्वार डिविजन में 95 कनेक्शन हैं। जल संस्थान बिजली तो पूरी इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन बिल देने में कंजूसी बरत रहा है। आंकड़ों के अनुसार जल संस्थान पर कोटद्वार में सबसे ज्यादा 4338.85 लाख रुपये का बिजली बिल का बकाया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर नलकूप खंड आता है, जिसके कोटद्वार क्षेत्र में 65 बिजली के कनेक्शन हैं और बिजली बिल का बकाया 2323.46 लाख रुपये है। वहीं, जल निगम के कोटद्वार क्षेत्र में छह कनेक्शन हैं और बिजली बिल का बकाया 50 लाख से ज्यादा है। स्टेशन चौकी पर भी करीब 50 हजार रुपये का बिजली बिल का बकाया है। वहीं, कोटद्वार तहसील कार्यालय पर भी 76 हजार रुपये के बिजली बिल का बकाया है। ऊर्जा निगम बिल वसूली को इन विभागों को कई बार नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन उन नोटिस का भी कोई असर होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। अब मार्च फाइनल होना है, ऐसे में ऊर्जा निगम को उम्मीद है कि शायद जल्द ही उक्त विभाग बिजली बिल का भुगतान कर देंगे।
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