प्रधान नहीं तो क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य भी मंजूर नहीं है
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का किया जाएगा बहिष्कार
जगमोहन डांगी।
पौड़ी : विकासखंड कल्जीखाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत डांगी में प्रधान पद बार-बार पिछड़ी जाति महिला आरक्षित होने से ग्राम पंचायत विकास में पिछड़ गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में जाति प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण प्रधान पद पर नामांकन नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कहा कि पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए नामांकन न होने के कारण प्रधान का चुनाव नहीं हो पायेगा, ऐसे में हर छोटे-बड़े कार्य के लिए ब्लॉक मुख्यालय प्रशासक एडीओ पंचायत के पास चक्कर काटने पड़ेंगे।
गत रविवार को निवर्तमान प्रधान भगवान सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्राम पंचायत डांगी के ग्राम डांगी के ग्रामीणों ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत में प्रधान पद बार-बार पिछड़ी जाति महिला आरक्षित किया जाता है। जिस कारण बाद में आरक्षण परिवर्तन करने में एक साल लग जाता है। जिस कारण ग्राम पंचायत की विकास की गति रुक जाती है। साथ ही सरकारी तंत्र का भी अनावश्यक खर्च होता है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पद पिछड़ी जाति महिला आरक्षित होने पर समय रहते आपत्ति दर्ज कर दी थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जबकि 2014 में भी इसी प्रकार प्रधान पद पिछड़ी जाति महिला आरक्षित सीट कर दी थी और उस समय भी प्रमाण पत्र का पेच फंस गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेशों पर अंतिम समय में तहसील प्रशासन ने प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया था, लेकिन 2014-15 के बाद डांगी गांव को राजपूत सुनार होने के कारण ओबीसी प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है। लेकिन प्रधान पद और आंगनबाड़ी दोनों पद महिला ओबीसी आरक्षित है। जिस कारण ग्राम पंचायत डांगी के अन्य राजस्व गांवों को जिनका ओबीसी पिछड़ा वर्ग से कोई लेना देना नहीं उन्हें भी इस संवैधानिक संकट से जूझना पड़ रहा है। बैठक में वरिष्ठ नागरिक वीर सिंह चौहान, अर्जुन सिंह लिंगवाल, धीरज सिंह चौहान, दिनेश लिंगवाल, कांता देवी, पुष्पा देवी, दमयंती देवी, सुशीला देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती नीतू लिंगवाल, युवा मंगल दल अध्यक्ष विनोद कुमार, अंकित नेगी, कुमारी वृंदा रावत सहित समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी को लिखे ज्ञापन में हस्ताक्षर कर चुनाव बहिष्कार का समर्थन किया है।
आज जिलाधिकारी से मिलेगा ग्रामीणों का शिष्टमंडल
गत रविवार को निवर्तमान प्रधान भगवान सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि निवर्तमान प्रधान के नेतृत्व में मंगलवार को एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा। उसके बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाग लेना है या नहीं यह जिलाधिकारी के साथ बातचीत करने पर स्पष्ट हो पाएगा। ज्ञात हो कि विगत दस वर्षीय पंचायत कार्यकालों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ग्राम पंचायत डांगी में एक धेला का विकास नहीं किया। जिला पंचायत सदस्य ने थोड़ा बहुत क्षमता के अनुसार जरूर कार्य किया है। लेकिन क्षेत्र पंचायत सदस्यों जीतने के बाद ग्राम पंचायत में खुली बैठकों में तक नहीं आते हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि जब हमारा प्रधान पद का चुनाव नहीं हो रहा है तो हम अन्य पंचायत पदों पर क्यों मतदान करें।
आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री एवं सहायिका पद भी रिक्त
ग्राम पंचायत में विगत दो वर्षों से आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका पद भी ओबीसी पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया था, जिस कारण दोनों रिक्त पदों की भरपाई नहीं हो पाई है। जिसके चलते ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री एवं सहायिका अपने पद से सेवानिवृत हो गए है। दो साल बाद शासन द्वारा रिक्त पदों लिए विज्ञप्ति जारी की गई, लेकिन दोनों पद महिला ओबीसी आरक्षित कर दी गई, लेकिन ग्राम पंचायत में ओबीसी महिला नहीं होने से पद आज भी रिक्त है। जिस कारण केंद्र एवं राज्य द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है।