सूर्यनगर-बालासौड़ पुल निर्माण रोकना न्यायालय के आदेश की अवहेलना

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार भट्ट ने सूर्यनगर-बालासौड़ पुल निर्माण को रोकने को न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्व बालासौड़ की जनता को पुल का लाभ नहीं लेने देना चाहते हैं।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार भट्ट ने कहा कि उक्त पुल निर्माण का आदेश न्यायालय सिविल जज (व0ख0) कोटद्वार गढ़वाल द्वारा (दीवानी वाद संख्या 17/2013 शशीधर भट्ट बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अधिशासी अभियंता) 30 अप्रैल 2016 को पारित किया गया था। जिसमें कहा गया था कि पुराने पुल की तकनीकी खामियों को दूर किया जाए और पुल में कोई परिवर्तन नए पुल के निर्माण के लिए होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि प्रतिवादी विभाग को यह अधिकार नहीं होगा कि वह सूर्यनगर और बालासौड़ के बीच बने पुल को हमेशा-हमेशा के लिए तोड़ दे। जिससे उस पुल पर आवागमन का लाभ प्राप्त करने वाली जनता हमेशा के लिए वंचित हो जाए। वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार भट्ट ने कहा कि बालासौड़ की जनता की समस्या को देखते हुए ही उत्तराखंड शासन ने इस पुल को स्वीकृति दी है।

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