श्रीनगर गढ़वाल : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चड़ीगांव में तीन दिवसीय बालसखा कार्यशाला संपन्न हुई। इसमें 15 विकासखंडों के 38 शिक्षकों ने विद्यार्थियों के समग्र विकास पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को बालकों की क्षमताओं और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उचित मार्गदर्शन हेतु सक्षम बनाना था। समापन सत्र में डॉ. शिवकुमार भारद्वाज ने राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘परख’ के तहत पौड़ी की रिपोर्ट साझा की। शैक्षिक रैंकिंग सुधारने के लिए उपचारात्मक शिक्षण और प्रभावी रणनीतियों पर जोर दिया गया। प्राचार्य डॉ. स्वराज सिंह तोमर ने कहा कि शिक्षक का दायित्व ‘बालसखा’ बनकर बच्चों को सुरक्षित वातावरण और सही दिशा देना है। समन्वयक डॉ. जगमोहन पुंडीर ने शिक्षकों से कार्यशाला में सीखी गतिविधियों को विद्यालयों में लागू करने का आह्वान किया। संचालन विनय किमोठी ने किया। (एजेंसी)