तेज बारिश और आंधी से कोटद्वार में जनजीवन प्रभावित, कई जगह गिरे पेड़

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देवी मंदिर-तड़ियाल चौड़ मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश और हवाओं ने कोटद्वार व आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जबकि बारिश के कारण जलभराव और बरसाती रपटों के उफान पर आने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। देवी मंदिर-तडियाल चौक मार्ग पर विशाल आम का पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। वहीं, कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांचवें मील के समीप बरसाती रपटा उफान पर आने से वाहनों की आवाजाही कुछ देर के लिए थम गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पेड़ गिरने की घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई।


शुक्रवार तड़के से ही क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदला हुआ था। सुबह करीब तीन बजे कुछ देर तेज बारिश हुई। इसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। करीब 11 बजे अचानक काले बादल घिर आए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके चलते देवी मंदिर तिराहे से तड़ियाल चौक के बीच जल निगम स्टोर के समीप सड़क किनारे खड़ा विशाल आम का पेड़ धराशायी होकर मुख्य मार्ग पर गिर गया। गनीमत रही कि उस समय सड़क से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं, ग्रास्टनगंज के वार्ड नंबर एक में भी दो स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। पेड़ गिरने से क्षेत्र को जोड़ने वाली विद्युत लाइन के तार भी टूट गए। घटनाओं की सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारु कराया। इस दौरान देवी मंदिर-तड़ियाल चौक मार्ग पर लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जल निगम स्टोर से नीचे बीईएल की ओर जाने वाले मार्ग पर भी जाम की स्थिति बनी रही।

पांचवें मील में उफान पर आया बरसाती रपटा
तेज बारिश का असर कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी देखने को मिला। पांचवें मील के समीप बरसाती रपटा अचानक उफान पर आ गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। वाहन चालकों को पानी का बहाव कम होने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा भी बना रहा। करीब आधे घंटे बाद रपटे में पानी का बहाव कम होने पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी। उधर, क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जलभराव होने से भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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