नई दिल्ली , आजादी के जश्न में डूबे देश के बीच एक ऐसा दिन भी आता है, जो इतिहास के पन्नों में गहरे जख्मों के साथ दर्ज है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उल्लास से ठीक एक दिन पहले, 14 अगस्त का दिन उन अनगिनत आंखों की नमी को बयां करता है जिन्होंने बंटवारे का वो खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखा था। इसी ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवसÓ के मौके पर शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए उन सभी परिवारों के दर्द और संघर्ष को याद किया है, जिन्हें रातों-रात अपना सब कुछ छोड़कर एक अनजान सफर पर निकलने को मजबूर होना पड़ा था।
हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ने वाला वो दर्दनाक इतिहास
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि इतिहास का वह पन्ना बेहद डरावना और दर्दनाक था। बंटवारे की उस भयानक त्रासदी ने न जाने कितने ही हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए बिखेर कर रख दिया। लोगों को अपनी जन्मभूमि, अपनी जड़ें और अपने करीबियों को छोड़कर दर-बदर भटकना पड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि उस दौरान लोगों ने जिस अकल्पनीय पीड़ा और यातनाओं का सामना किया, आज उसकी केवल कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है।
शून्य से शुरुआत कर गढ़ी सफलता की नई कहानी
इस भीषण त्रासदी और बेइंतहा दर्द के बावजूद देशवासियों के अटूट हौसले की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन लोगों ने कभी हार नहीं मानी। अपना सब कुछ गंवा देने के बाद भी उन्होंने शून्य से अपने जीवन की नई शुरुआत की। अपने खून-पसीने और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाया, बल्कि हर मुसीबत और असफलता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इन लोगों ने राष्ट्र के निर्माण और देश की तरक्की में जो अहम योगदान दिया है, वह अदम्य इंसानी जज्बे की असली ताकत की एक जीती-जागती मिसाल है।
आपसी भाईचारे से ही साकार होगा सशक्त भारत का सपना
अपने इस मार्मिक संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने देश के सभी नागरिकों से एक बेहद खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि विभाजन का यह दिन हमें इस बात का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम अपने समाज में आपसी भाईचारा, मेल-मिलाप और सौहार्द को किसी भी कीमत पर आंच न आने दें। पीएम मोदी ने देशवासियों का आह्वान किया कि हमें अतीत के उन जख्मों से सबक लेते हुए हमेशा एकजुट रहना है, ताकि हम सभी कदम से कदम मिलाकर एक मजबूत, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें।
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