केंद्रीय सूचना आयुक्त ने लगाई गढवाल विवि को फटकार

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-गढवाल विवि के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को जारी किया कारण बताओ नोटिस
-आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर देना होगा जवाब
जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर।
गढ़वाल विवि प्रशासन को परीक्षाओं का परिणाम देर में घोषित करना व सूचना अधिकार का जवाब न देना भारी पड़ गया है। केंद्रीय सूचना आयुक्त ने गढ़वाल विवि के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही आदेश जारी किए जाने की तिथि के 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है।
केंद्रीय सूचना आयुक्त सरोज पुनहानि ने गढ़वाल विवि को आरटीआई ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ यह भी कहा है कि गढ़वाल विवि में सूचना अधिकार अधिनियिम के नियमों का पालन नहीं हो रहा हैै। बीएसएम कालेज रुड़की के छात्र अंकित रावल ने मुख्य सूचना आयुक्त कार्यालय में गढ़वाल विवि की शिकायत दर्ज कराई थी। अंकित की शिकायत थी कि गढ़वाल विवि की लापरवाही के कारण वह वर्ष 2018 में उत्तराखंड पीसीएस जे परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पाया। अंकित ने बताया कि वह बीएसएम रुड़की में एलएलबी का छात्र था। 22 मई 2018 में एलएलबी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा समाप्त हुई थी। परीक्षा का परिणाम नवंबर 2018 में जारी हो जाना चाहिए था। लेकिन विवि ने उनका परीक्षा परिणाम जुलाई 2020 में जारी किया। अंकित ने कहा कि 3 मई 2019 को उसने परीक्षा परिणाम देरी से जारी किए जाने के संबंध में सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी। लेकिन विवि से उसे कोई जवाब नहीं मिला। तब उसने केंद्रीय सूचना आयुक्त कार्यालय में शिकायत की। 25 मई को अंकित रावल की शिकायत पर सुनवाई करते हुए गढ़वाल विवि को कड़ी फटकार लगाई। केंद्रीय सूचना आयुक्त ने विवि के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ केंद्रीय सूचना आयुक्त ने यह भी कहा कि गढ़वाल विवि का सूचना अधिकार प्रकोष्ठ कमजोर है। यहां सूचना अधिकार अधिनियम के नियमों को सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। केंद्रीय सूचना आयुक्त सरोज पुनहानि ने विवि प्रशासन को आरटीआई ऑडिट कराए जाने को भी कहा है। साथ ही विवि की कुलपति को आदेश की एक कॉपी भेजने का आदेश देते हुए कहा कि वह इस प्रकरण को सुलझाए।

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