बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 343 परियोजनाओं की लागत 4़5 लाख करोड़ रुपये बढ़ी, देरी से चल रही हैं 835 परियोजनाएं

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नई दिल्ली, एजेंसी। बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक के खर्च वाली 343 परियोजनाओं की लागत तय अनुमान से 4़5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की दिसंबर, 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की 1,438 परियोजनाओं में से 835 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं। मंत्रालय 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक की लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, श्इन 1,438 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की मूल लागत 20,35,794़75 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब इसके बढ़कर 24,86,069़52 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि इन परियोजनाओं की लागत 22़12 प्रतिशत यानी 4,50,274़77 करोड़ रुपये बढ़ गई है।श्
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर, 2022 तक इन परियोजनाओं पर 13,45,794़16 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जो कुल अनुमानित लागत का 54़13 प्रतिशत है। हालांकि, मंत्रालय ने कहा है कि यदि परियोजनाओं के पूरा होने की हालिया समयसीमा के हिसाब से देखें तो देरी से चल रही परियोजनाओं की संख्या कम होकर 673 पर आ जाएगी। 835 परियोजनाओं में हो रहे विलंब का औसत 40़5 महीने है। इन परियोजनाओं में देरी के कारणों में भूमि अधिग्रहण में विलंब, पर्यावरण और वन विभाग की मंजूरियां मिलने में देरी और बुनियादी संरचना की कमी प्रमुख है।

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