भारत की संपूर्ण लोकजीवन और सभ्यता की संस्कृति में गंगा प्रभाव : खंडूड़ी

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जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के नमामि गंगे प्रकोष्ठ उमंग और उत्तराखंड राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप नमामि गंगे के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक सप्ताह के गंगा गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन हो गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अजय कुमार खंडूड़ी ने कहा कि भारत की संपूर्ण लोकजीवन और सभ्यता की संस्कृति में गंगा का ही प्रभाव है। उत्तराखंड में प्रत्येक जलधाराएं और जलश्रोत गंगा का ही महत्व रखते हैं।
इस मौके पर उत्तराखंड की प्रसिद्ध जागर गायिका पद्मश्री बसंती बिष्ट ने बतौर मुख्य अतिथि सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने गंगा के महत्व और उसके संरक्षण के लिए लोक के महत्व और लोक गीतों में इस प्रारूप पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि हमारी आस्था, आध्यात्म, लोक मान्यता, संस्कृति में ही गंगा की शुद्धता के लिए एक तंत्र स्थापित किया गया है। जब हम इन प्रक्रियाओं के साथ अपने व्यावहारिक ज्ञान को भूलते जा रहे हैं तो आधुनिक प्रगति का तंत्र इसे अत्यधिक बाधा बनाते हैं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता और विशिष्ट अतिथि प्रो. इंदू खंडूरी पांडेय ने गंगा के दर्शन और आध्यात्म पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए गंगा के संरक्षण में युवा वर्ग को आगे आने को कहा। गंगा गाइड कार्यक्रम को एक अभिनव पहल बताते हुए उत्तराखंड के तीर्थाटन और पर्यटन के लिए ही महत्वपूर्ण बताया। प्रो. प्रभाकर बडोनी ने पूरे कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ.संजय पांडे और लता पांडे ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति में गंगा गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में प्रो. डीआर पुरोहित, डॉ. विजयकांत पुरोहित, उमंग के सदस्य महेश डोभाल, डा. रजनी नौटियाल, डॉ. विनोद नौटियाल, डॉ राहुल बहुगुणा आदि मौजूद रहे।

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