चमोली : भारी बारिश के कारण ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे कमेड़ा में सोमवार दोपहर में बाधित हो गया था। मंगलवार को दोपहर एक बजे मलबा हटाकर कमेड़ा में वाहनों की आवाजाही हो सकी। इस दौरान वहां ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार सहित कर्णप्रयाग, चमोली, गोपेश्वर, जोशीमठ व बदरीनाथ जाने वाले सैकड़ों वाहन 13 घंटे तक फंसे रहे। हाईवे के दोनों तरफ मशीनें लगाकर मंगलवार दोपहर तक मलबा हटाया जा सका। वहीं, कर्णप्रयाग के अपर बाजार में रामलीला मैदान के पास भूस्खलन होने से खतरा बना है। बदरीनाथ हाईवे पर गौचर के पास कमेड़ा में पिछले दो वर्षों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। यहां पर पहाड़ी पर भारी बोल्डर अटके हैं। बारिश होते ही इनके नीचे की दलदली मिट्टी खिसक जाती है। इस साल कमेड़ा में 14 से अधिक बार सड़क बंद होने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो चुकी है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे कमेड़ा में बोल्डर व भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गया था, जिससे वाहनों की आवाजाही 13 घंटे तक ठप हुई। चटवापीपल में भी हाईवे पर मलबा आता रहा। बारिश से सिमली रोड़ पर सुभाषगनर में पांच से अधिक मकानों को खतरा बना है। बहुगुणानगर और आईटीआई मोहल्ले में भी लोग खतरे के साए में रहने को मजबूर हैं। कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग पर भी कई जगहों पर मलबा आया है। बारिश से अलकनंदा व पिंडर का जलस्तर काफी बढ़ गया है। पांच सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में चमोली जिले के कई क्षेत्रों जैसे कमेडा, नंदप्रयाग, पागलनाला, भनेरपानी में मार्ग बाधित होने और यात्रा के दौरान खतरा बढ़ने की आशंका बनी रहती है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से अपील है कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। (एजेंसी)