विकासनगर()। जौनसार-बावर क्षेत्र के ग्रामीणो के लिए देवदार की परम्परागत माफी की लकड़ी को लेकर एक राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी माफी की लकड़ी की छपान प्रक्रिया को वन विभाग जल्छ शुरू करने जा रहा है। इससे क्षेत्र के उन ग्रामीणों को लाभ मिलेगा जो लंबे समय से परम्परागत अधिकारों के तहत मिलने वाली देवदार की लकड़ी की बहाली की मांग कर रहे थे। मंगलवार को हक हकूक समिति की चकराता वन प्रभाग के डीएफओ के साथ बैठक हुई। बैठक में डीएफओ वैभव सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में जौनसार-बावर के 10 खतों में छपान की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद अन्य खतों को भी चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग पूर्व वर्षों की अवशेष माफी के मामलों पर भी कार्य कर रहा है ताकि पात्र लोगों को उनका अधिकार मिल सके। इसके लिए वन क्षेत्राधिकारी अविनाश त्रिपाठी को छपान अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने स्वीकृत 10 खतों की ग्राम पंचायतों के प्रधानों के संपर्क विवरण भी मांगे हैं। संबंधित ग्राम प्रधान अपनी ग्राम सभाओं के माफी संबंधी प्रस्ताव नियुक्त रेंजर को उपलब्ध कराएंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हक हकूक समिति ने वन विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि लंबे समय से लंबित माफी की लकड़ी वितरण प्रक्रिया अब जल्द धरातल पर दिखाई देगी और क्षेत्र के लोगों को उनके परंपरागत अधिकारों का लाभ मिल सकेगा। बैठक में हक हकूक समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, अतर सिंह मौजूद रहे।