कोटद्वार-पौड़ी

आज स्कूलों और विवि में उत्साह से मनाया जाएगा गढ़ भोज दिवस

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श्रीनगर गढ़वाल : उत्तराखंड की परंपरागत फसलों एवं भोजन के उत्सव गढ़ भोज दिवस को इस बार सात अक्तूबर को बृहद रूप से मनाया जाएगा। राज्य सरकार के द्वारा स्कूल, कालेजों, स्वास्थ्य विभाग एवं विश्वविद्यालय को पत्र जारी कर अनिवार्य रूप से गढ़ भोज दिवस मनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डा. अरविंद दरमोड़ा ने बताया की नई पीढ़ी परंपरागत मोटे अनाजों से बनने वाले भोजन को जानें और इसे अपनी थाली का हिस्सा बनाएं इसके लिए हिमालय पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के द्वारिका प्रसाद सेमवाल एवं प्रणेता गढ़ भोज अभियान, वर्ष 2000 से गढ़ भोज अभियान के माध्यम से प्रयासरत है। दरमोड़ा ने बताया कि वर्ष 2021 को गढ़ भोज वर्ष के रूप में मनाया गया। वर्ष 2022 में उत्तराखंड सरकार के द्वारा वर्षों से गढ़ भोज को मिड डे मील योजना में शामिल करने की मांग को स्वीकार कर इसे मिड डे मील में शामिल किया गया। कहा कि गढ़ भोज दिवस की कल्पना के पीछे मात्र एक उत्सव का विचार नहीं है, बल्कि वर्ष में कम से कम एक दिन उत्तराखंड के औषधीय गुणों से भरपूर फसलों से बनने वाले भोजन को मुख्यधारा से जोड़ने पर चर्चा करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सहकारिता विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग को गढ़ भोज दिवस मनाने के निर्देश जारी किए हैं। इस उपलक्ष्य में स्कूल, कालेजों, मेडिकल कालेजों व अस्पतालों में सेमिनार, निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, स्वाद प्रतियोगिता के साथ ही एवं गढ़ भोज बनाया जाएगा। देहरादून में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा रायपुर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें पर्वतीय विकास शोध केंद्र, तत्व फाउंडेशन, जाड़ी संस्थान एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए प्रो. यतीश वशिष्ठ के द्वारा सहयोग किया जा रहा है। (एजेंसी)

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