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आपदा राहत को बदलेंगे दो कानून; सीएम सुक्खू ने कहा, रिलीफ मैन्युअल में संशोधन की जरूरत

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शिमला, एजेसी। हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। राज्य सचिवालय में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ प्रेस ब्रीफिंग में सीएम ने कहा कि सरकार आने वाले दिनों में रिलीफ मैन्युअल और भूमिहीन की परिभाषा को बदलने के लिए कानून में संशोधन करेगी। ये संशोधन विधानसभा के मानसून सत्र में भी किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हिमाचल दौरे पर आई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को रवाना करने के बाद सचिवालय में मीडिया से बात कर रहे थे। सीएम ने कहा कि हिमाचल में प्रभावितों को राज्य सरकार हर तरह की मदद देगी। जिसका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है या आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है, तो भी राहत दी जाएगी। पानी भरने से जिसकी फसल खराब हुई है या सिल्ट भरने से जमीन खराब हुई है, तो भी मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सभी उपायुक्तों को रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में रिलीफ मैन्युअल में जो प्रावधान हैं, उसके मुताबिक ज्यादा मदद नहीं दी जा सकती।
इसलिए राज्य सरकार रिलीफ मैन्युअल में बदलाव करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। इसमें यह देखना होगा कि राज्य अपने स्तर पर क्या कर सकता है, क्योंकि डिजास्टर का रिलीफ मैन्युअल भारत सरकार तय करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कानून के अनुसार तीन बिस्वा सरकारी जमीन देने का प्रावधान सिर्फ भूमिहीनों को है। वर्तमान मानसून के सीजन में कई मामले ऐसे हैं, जहां लोगों के पास जमाबंदी में तो जमीन है, लेकिन वह रहने लायक नहीं बची है। इसलिए भूमिहीन की परिभाषा को भी बदलना होगा। इसके लिए कानून में बदलाव जरूरी है। मीडिया के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के सभी आरोपों और सवालों का जवाब विधानसभा के मानसून सत्र में दिया जाएगा। विपक्ष की डिमांड के बाद ही 18 से 25 सितंबर के बीच में मानसून सत्र हो रहा है। विपक्ष जो भी जानकारी सरकार से चाहेगा, वह सदन में रखी जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से मिली मदद और मुआवजे की सच्चाई भी सदन में बताई जाएगी। मुख्यमंत्री ने हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों का हाल जानने के लिए दो दिन का समय देने पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रभावितों से मिलती बार कई बार प्रियंका गांधी भावुक भी हो गईं। उन्होंने जो भी आश्वासन प्रभावितों को दिए हैं, सरकार उनका पूरा करेगी।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को दोपहर 12 बजे के बाद सचिवालय में शुरू होगी। इसमें विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कई अहम फैसले हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में जनसभा के दौरान फोरेस्ट में वन मित्र भर्ती का ऐलान किया था। वन विभाग ने इस ड्राफ्ट को तैयार कर लिया है। इस बारे में कैबिनेट फैसला ले सकती है। शिक्षा विभाग से भी तीन या चार पॉलिसी मैटर कैबिनेट में जा रहे हैं। लंबित भर्तियों को लेकर भी मंत्रिमंडल कोई निर्णय ले सकता है। मानसून सत्र में रखे जाने वाले विधेयकों को लेकर भी कैबिनेट निर्णय ले सकती है।
आपदाग्रस्त हिमाचल को बिहार ने दिए पांच करोड़
शिमला। बिहार सरकार ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार को पांच करोड़ रुपए की सहायता राशि आपदा राहत कोष में दी है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों को मदद प्रदान करने में कारगर साबित होगी। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाज के सभी वर्गों से इस कोष में उदारता से अंशदान का आग्रह किया, ताकि प्रभावित लोगों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान की जा सके।

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