जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विकासखंड दुगड्डा के जयगांव और भट्टगांव में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। बंदर, जंगली सूअर और गुलदार लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ रैली निकालकर वन्यजीवों को आबादी और खेतों तक पहुंचने से रोकने के लिए प्रभावी योजना बनाने की मांग की।

रैली से पहले आयोजित खुली बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व जंगली जानवरों की रोकथाम के लिए लाखों रुपये की लागत से क्षेत्र में फेंसिंग लाइन लगाई गई थी, लेकिन देखरेख के अभाव में अब यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि फसलों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से उनकी वर्षों की मेहनत बर्बाद हो रही है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर और भट्टगांव निवासी डॉ. दिनेश चंद्र भट्ट ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार, बंदर और जंगली सूअर की संख्या बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में गुलदार की धमक भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने वन क्षेत्र की धारण क्षमता की तुलना में गुलदारों की संख्या अधिक होने का दावा करते हुए सरकार से प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन नीति बनाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि कड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल को जंगली जानवर कुछ ही समय में नष्ट कर देते हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार हो रहे नुकसान के कारण कई लोग खेती छोड़ने को मजबूर हैं। 90 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक रामलाल और महाराज बिष्ट ने भी ग्रामीणों की समस्याओं को सामने रखते हुए वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की।