स्वयं सेवियों ने जानी देश के राज्यों की संस्कृति व सभ्यता

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: 26 वां राष्ट्रीय उत्सव-2023 कर्नाटक के हुबली में सपन्न हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तराखंड की 12 सदस्य टीम ने जिला समन्वयक पौड़ी परितोष रावत के नेतृत्व में प्रतिभाग किया। इस दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों के दल ने अपनी संस्कृति सभ्यता रहन-सहन पहनावा रीति रिवाज के प्रदर्शन के साथ ही विभिन्न राज्यों की रीति रिवाज परंपराओं के बारे में जाना और सीखा।
26वें राष्ट्रीय युवा उत्सव 2023 में प्रतिभाग कर आज वापस पहुंची राष्ट्रीय सेवा योजना उत्तराखंड के टीम लीडर एवं जिला समन्वयक पौड़ी गढ़वाल परितोष रावत ने बताया कि दिनांक 12 जनवरी को हुबली के रेलवे मैदान में आयोजित 26 में राष्ट्रीय युवा उत्सव का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज देश का लक्ष्य है कि विकसित भारत सशक्त भारत । हम तब तक नहीं रुक सकते जब तक विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो जाता। देश का हर युवा इस सपने को अपना बनाएगा और देश की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाएगा। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चन्द्र गहलोत,केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रहलाद जोशी एवं मुख्यमंत्री बसावराज सोमप्पा बोम्मई उपस्थित रहे। इस युवा उत्सव में उत्तराखंड की राष्ट्रीय सेवा योजना के 12 सदस्यों की टीम जनपद पौड़ी के जिला समन्वयक परितोष रावत के नेतृत्व में प्रतिभाग किया। टीम में श्रीनगर विश्व विद्यायलय से हिमानी भाटिया एवं अखिल सिंह कुंवर , राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दोषापानी नैनीताल से कंचन आर्य एवं विकास कुमार (छात्र संघ अध्यक्ष), डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून से सुष्मिता सकलानी एवं मीनाक्षी रावत, महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी यम्केश्वर पौड़ी गढ़वाल से प्रेरणा बडोला (छात्र संघ अध्यक्षा) एवं सागर बिंजोला (छात्र संघ सचिव), वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर देहरादून से कृतिक शर्मा, पीजी कॉलेज देहरादून से आशीष रावत एवं सोरभ कुमार शामिल थे। इस दौरान टीम ने युवा बैठक (यूथ समिट), योगाथन जिसमें गिनिज बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड बना, एडवैंचर खेलों,विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं, फूड फेस्टिवल में विभिन्न राज्यों के खानपान, एडवैचर स्पोट्र्स कार्यशाला में प्रतिभाग के साथ ही अपनी संस्कृति सभ्यता परम्परा, पहनावा एवं गढ़वाली सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

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