उत्तराखंड

बगैर शिक्षकों के बेहतर शैक्षिक व्यवस्था बेमानी

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पिथौरागढ़। नगर में एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन का दो दिवसीय त्रिवार्षिक जनपदीय अधिवेशन व शिक्षक संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। वक्ताओ ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर मंथन करते हुए कहा कि प्रदेश भर में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त है। ऐसे में बेहतर शैक्षिक व्यवस्था की उम्मीद करना बेईमानी है। बुधवार को नगर के अटल उत्ष्ठ जीआईसी में दो दिवसीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक फकीर राम टम्टा, विशिष्ठ अतिथि सीईओ अशोक कुमार जुकरिया, खंड शिक्षाधिकारी आशा राम चौधरी, प्रांतीय अध्यक्ष संजय टम्टा मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार और ब्लक अध्यक्ष कुलदीप चंद्रा ने मुख्य अतिथियों का बेच अलंत कर स्वागत किया। बाद में मुख्य अतिथियों ने संयुक्त तौर पर बाबा साहेब के चित्र पर माल्यापर्ण कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। वक्ताओं ने जिला अधिवेशन की सराहना करते हुए कहा कि अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एससी-एसटी शिक्षक समाज को संगठित होने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की सरकारें सार्वजनिक शिक्षा के प्रति उदासीनता दिख रही है। बीते दस वर्षो से संगठन इरशाद हुसैन कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट सावर्जनिक नहीं की जा रही है।
ये रहे शामिलरू प्रदेश महामंत्री, महेंद्र प्रकाश, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र ग्वासीकोटी, मंडल उपाध्यक्ष नंदकिशोर टम्टा, ब्लक उपाध्यक्ष दीपक टम्टा, महामंत्री जगजीवन, कोषाध्यक्ष नवीन चंद्र, सुशील, अनिल कुमार ह्यूमन, भगवती प्रसाद चन्याल, बीआर कोहली, डीआर टम्टा, सुनील धौनी, सुधीर टम्टा, गंगा आर्या, महेश मुरारी, बीआर कोहली आदि मौजूद रहे।

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