विकासनगर (देहरादून)। यमुना नदी में अवैध खनन के खिलाफ खनन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विकासनगर क्षेत्र में छापेमारी के दौरान अवैध खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान चालक ने वाहन लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक खनिज पर्यवेक्षक शिव नेगी के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर विकासनगर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वाहन पर 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
उपखनिज भंडारण का ई-रवन्ना पोर्टल अस्थायी रूप से बंद
खनन विभाग की कार्रवाई के दौरान एक उपखनिज भंडारण स्थल पर अनियमितताएं भी सामने आईं। इसके बाद संबंधित भंडारण का ई-रवन्ना पोर्टल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई को अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
लगातार कार्रवाई से अवैध
खनन पर लगेगी लगाम?
यमुना नदी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में खनन विभाग की कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई कितनी निरंतर रहती है।विकासनगर (देहरादून)। यमुना नदी में अवैध खनन के खिलाफ खनन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विकासनगर क्षेत्र में छापेमारी के दौरान अवैध खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज किया गया। कार्रवाई के दौरान चालक ने वाहन लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक खनिज पर्यवेक्षक शिव नेगी के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर विकासनगर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वाहन पर 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
उपखनिज भंडारण का ई-रवन्ना पोर्टल अस्थायी रूप से बंद
खनन विभाग की कार्रवाई के दौरान एक उपखनिज भंडारण स्थल पर अनियमितताएं भी सामने आईं। इसके बाद संबंधित भंडारण का ई-रवन्ना पोर्टल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई को अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
लगातार कार्रवाई से अवैध
खनन पर लगेगी लगाम?
यमुना नदी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में खनन विभाग की कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई कितनी निरंतर रहती है।