यात्रावकाश समाप्त किये जाने से शिक्षक नाराज

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय से वर्ष में एक बार अपने सहनिवास जाने हेतु शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश के साथ यात्रा अवकाश पर शासन द्वारा रोक लगाने पर नाराजगी जताई है। संघ ने सरकार से तत्काल इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत व जिलामंत्री मनमोहर्न ंसह चौहान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश शासन काल 23 अप्रैल 1937 के अनऑफिशियल मेमोरेन्डम के अनुसार शिक्षकों व कर्मचारियों को वर्ष में एक बार अपने गृह निवास व जनपद में आने जाने हेतु आकस्मिक अवकाश के साथ स्वीकृत अधिकारी द्वारा यात्रा अवकाश की व्यवस्था दी गई थी। उत्तराखण्ड राज्य बनने के समय से अधिकांश शासनादेश व व्यवस्थाएं आज भी लागू हैं। अधिकांश शिक्षक व कर्मचारी इसका लाभ ले रहे थे। लेकिन विगत दिनों विभागीय सचिव द्वारा यात्रा अवकाश निरस्त किए जाने का आदेश जारी किया गया है। जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। जिलामंत्री मनमोहन चौहान ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना में शिक्षक व कर्मचारियों ने अहम योगदान दिया है। पूरे कोरोना काल में तन, मन, धन से जरूरतमंदों की सेवा में सरकार का सहयोग किया गया। लेकिन सरकार द्वारा लगातार शिक्षकों के हितों व अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे शिक्षक समुदाय किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेगा।

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