अमित शाह ने विश्व संस्कृत दिवस पर दी शुभकामनाएं, संस्कृत को बताया भारत की ज्ञान परंपरा का आधार

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कहा- संस्कृत जितनी प्राचीन है, उतनी ही वैज्ञानिक भी; वेद, उपनिषद और शास्त्र सदियों से मानवता को दिखा रहे ज्ञान का मार्ग
नई दिल्ली,, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संस्कृत को भारत की ज्ञान परंपरा, संस्कृति और चेतना का मूल आधार बताते हुए कहा कि यह भाषा जितनी प्राचीन है, उतनी ही वैज्ञानिक भी है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्सÓ पर जारी अपने संदेश में कहा कि संस्कृत में लिखे गए भारत के वेद, उपनिषद और शास्त्र सदियों से पूरी मानवता को ज्ञान का मार्ग दिखाते आ रहे हैं। उन्होंने संस्कृत भाषा के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे विद्वानों और आचार्यों के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा, सभी को विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत की ज्ञान परंपरा, संस्कृति और चेतना का मूल आधार संस्कृत भाषा जितनी प्राचीन है, उतनी ही वैज्ञानिक भी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संस्कृत में रचित वेद, उपनिषद और शास्त्र भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत हैं और लंबे समय से मानवता को ज्ञान एवं जीवन मूल्यों का मार्गदर्शन देते रहे हैं।
अमित शाह ने संस्कृत भाषा को संरक्षित करने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी विद्वानों और आचार्यों को नमन किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में इन विद्वानों और आचार्यों की भूमिका अविस्मरणीय है।
रक्षा बंधन पर भी दी देशवासियों को शुभकामनाएं
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सावन पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को रक्षा बंधन की भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पावन पर्व पर सभी के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।
रक्षा बंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व है। सावन पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस त्योहार में बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई उसकी सुरक्षा एवं सम्मान का संकल्प लेता है।
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