उत्तराखंड में कांग्रेस का चुनावी शंखनाद तेज, राहुल मैदान में तो प्रियंका पहाड़ में

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देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान को तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी की रणनीति के तहत सितंबर से प्रदेश में राष्ट्रीय नेताओं की सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं। कांग्रेस संगठन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रस्तावित दौरों को लेकर हाईकमान के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
पार्टी की प्रस्तावित रणनीति के अनुसार राहुल गांधी मैदानी क्षेत्रों में चुनावी मोर्चा संभाल सकते हैं, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा पर्वतीय जिलों में पार्टी के अभियान को धार देने के लिए उतर सकती हैं। हालांकि, इन कार्यक्रमों की अंतिम तारीखें हाईकमान स्तर पर चर्चा के बाद तय की जानी हैं।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर पर
राहुल गांधी का फोकस
कांग्रेस की प्रस्तावित योजना के मुताबिक राहुल गांधी सितंबर में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर का दौरा कर सकते हैं। इन जिलों में सभाओं और कार्यकर्ता कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं, किसानों, श्रमिकों और आम मतदाताओं तक पहुंच बनाने की तैयारी में है।
राहुल गांधी के संभावित कार्यक्रमों में बेरोजगारी, रोजगार के अवसर, महंगाई, युवाओं की समस्याएं और विकास जैसे मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं। कांग्रेस इन कार्यक्रमों के जरिए जहां चुनावी माहौल तैयार करना चाहती है, वहीं संगठन के कार्यकर्ताओं में भी उत्साह बढ़ाने की कोशिश होगी। मैदानी जिलों की राजनीतिक अहमियत को देखते हुए कांग्रेस इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी को चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
पहाड़ में प्रियंका गांधी संभालेंगी मोर्चा
पर्वतीय क्षेत्रों के लिए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। प्रस्तावित कार्यक्रमों के तहत चमोली और अल्मोड़ा में उनके दौरे की तैयारी की जा रही है। पहाड़ में प्रियंका गांधी के जरिए कांग्रेस पलायन, महिलाओं की भागीदारी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को चुनावी चर्चा के केंद्र में लाने की तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि पर्वतीय जिलों के स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय नेतृत्व की सभाओं के माध्यम से व्यापक राजनीतिक मंच दिया जा सकता है। इसके साथ ही महिला मतदाताओं और युवाओं तक कांग्रेस की पहुंच मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।
खरगे के बाद राष्ट्रीय नेताओं का
अभियान होगा तेज
उत्तराखंड में कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता पहले ही शुरू कर दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देहरादून में छात्रों और युवाओं के साथ संवाद कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आठ अगस्त को हल्द्वानी में रैली कर पार्टी के चुनावी अभियान को गति देने का संदेश दिया था।
अब सितंबर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संभावित कार्यक्रमों के बाद कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के दौरे भी प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
इनमें कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट समेत कई नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
सिर्फ रैलियां नहीं, स्थानीय मुद्दों पर रहेगा जोर
कांग्रेस की रणनीति केवल बड़े नेताओं की रैलियां आयोजित करने तक सीमित नहीं है। पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व के कार्यक्रमों को स्थानीय संगठन और क्षेत्रीय मुद्दों से जोड़ने की तैयारी में है।
प्रदेश संगठन का मानना है कि चुनावी अभियान में स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता देने से कार्यकर्ताओं को स्पष्ट दिशा मिलेगी और जनता के साथ सीधा संवाद भी मजबूत होगा। इसी रणनीति के तहत अलग-अलग जिलों के लिए नेताओं के संभावित कार्यक्रम और स्थानीय मुद्दे तय किए जा रहे हैं।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय नेताओं के कार्यक्रमों के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है। पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय नेतृत्व की लोकप्रियता और स्थानीय कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को एक साथ जोड़कर चुनावी अभियान को प्रभावी बनाना है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता के साथ संगठनात्मक तैयारियों को भी गति दी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी के कार्यक्रमों का सिलसिला बढ़ने की संभावना है।
जल्द सामने आएगा पूरा कार्यक्रम
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के उत्तराखंड दौरे को लेकर अंतिम कार्यक्रम हाईकमान के साथ चर्चा के बाद तय किया जाएगा। तारीखें और स्थान तय होने के बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, विधानसभा चुनाव की आहट के बीच कांग्रेस उत्तराखंड में मैदान से पहाड़ तक राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता बढ़ाकर चुनावी माहौल बनाने की तैयारी में जुट गई है। राहुल गांधी के संभावित मैदानी दौरे और प्रियंका गांधी के पर्वतीय कार्यक्रम पार्टी की चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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