जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश की सीमा पर सनेह क्षेत्र में मंगलवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। कोल्हू नदी पार करते समय मोटर साइकिल सवार पति-पत्नी और उनकी एक वर्षीय मासूम बच्ची तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह पति को बचा लिया, लेकिन उसकी पत्नी और मासूम बेटी बह गईं। करीब एक घंटे की तलाश के बाद घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर दोनों के शव बरामद हुए। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

घटना मंगलवार दोपहर करीब दो बजे की है। सिगड्डी क्षेत्र के जंगल में रहने वाला वन गुज्जर सद्दाम पुत्र रोशनदीन अपनी पत्नी जेनम (23) और एक वर्षीय बेटी शहजादी उर्फ आफिया के साथ उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के ग्राम कोटकादार में अपनी बहन से मिलने गया था। दोपहर में तीनों मोटर साइकिल से वापस लौट रहे थे। कोल्हू नदी के समीप पहुंचने पर उन्होंने नदी का तेज बहाव देखा। खतरा भांपते हुए सद्दाम ने मोटर साइकिल किनारे खड़ी कर दी और बहाव कम होने का इंतजार करने लगा। इसी दौरान कुछ अन्य मोटर साइकिल सवार नदी पार कर दूसरे छोर पर पहुंच गए। उन्हें नदी पार करते देख सद्दाम ने भी हिम्मत जुटाई और पत्नी व बच्ची को मोटर साइकिल पर बैठाकर नदी पार करने लगा। अभी वह नदी के बीच में ही पहुंचा था कि अचानक मोटर साइकिल अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते तीनों तेज बहाव में बहने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत नदी की ओर दौड़े और प्रयास कर सद्दाम को बाहर निकाल लिया। हालांकि उसकी पत्नी जेनम और मासूम बेटी शहजादी बहाव में काफी दूर तक चली गईं। सूचना मिलने पर कोटद्वार पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और ग्राम कोटकादार से भी लोग मौके पर पहुंचे और उनकी तलाश शुरू की गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर मां-बेटी के शव बरामद किए गए।
जान जोखिम में डाल रहे लोग
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कोल्हू नदी पर पुल प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में स्थानीय लोगों और नदी पार करने वालों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के दौरान नदी का जल स्तर और बहाव बढ़ने से खतरा और अधिक बढ़ जाता है। हादसे की सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान में जुट गई।