श्रीनगर गढ़वाल : एचएनबी गढ़वाल विवि में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को छात्र नेताओं ने कुलसचिव का घेराव किया। उन्होंने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अब तक हुई सभी पीएचडी में प्रवेश व नियुक्तियों की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। अब मंगलवार को होने वाली बैठक में मांगों पर लिया जाएगा निर्णय।
छात्र नेताओं ने कहा कि रविवार को हुई विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा सवालों के घेरे में आई है। परीक्षा के दौरान जैमर व सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बिजली गुल होना और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से पारदर्शी परीक्षा को लेकर संशय है। साथ ही परीक्षा हॉल में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था। बावजूद आब्जर्वर व अन्य शिक्षकों के पास मोबाइल थे। उन्होंने इस मामले में उपजे विवाद में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि विवि में अब तक हुए पीएचडी में प्रवेश और सभी नियुक्तियों की भी सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में पीएचडी प्रवेश केवल मेरिट के आधार पर करने, प्रवेश परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग समाप्त करने, प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने कुलसचिव पर कुलपति से फोन पर वार्ता कर मांगों पर लिखित आश्वासन देने का दबाव भी बनाया। कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी ने कुलपति से वार्ता के बाद छात्रों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों की सीबीआई जांच का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे। बाद में मंगलवार को कुलपति के साथ इस मामले में बैठक किए जाने की बात पर छात्र नेता शांत हुए। इस मौके पर छात्र संघ महासचिव अनुरोध पुरोहित, देवकांत देवराड़ी, आयुष कंडारी, रामप्रकाश, वीरेंद्र बिष्ट, हिमांशु भंडारी, अभिषेक घिल्डियाल, आयुष कंडारी, पुलकित अग्रवाल, आर्यन के प्रदेश अध्यक्ष संजय बिष्ट आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)