नई टिहरी। राजकीय इंटर कॉलेज धनोल्टी में इंटर कला वर्ग की पढ़ाई बिना पदों के ही चल रही है। शिक्षा विभाग 10 सालों से कला वर्ग में प्रवक्ताओं के पद सृजित नहीं कर पाया है। विभाग ने अभिभावकों के दबाव और छात्र-छात्राओं की समस्या को देखते हुए कला वर्ग तो शुरू कर दिया, लेकिन अब उनकी नियमित क्लास चलाना मुश्किल हो रहा है। एलटी के शिक्षकों से किसी तरह व्यवस्था बनाई जा रही है।
धनोल्टी स्कूल को वर्ष 2016 में इंटर कॉलेज में उच्चीकृत किया गया था। उस दौरान इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान की स्वीकृति मिली थी लेकिन कला वर्ग की पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या अधिक होने पर शिक्षा विभाग ने अभिभावकों की मांग पर पदों की स्वीकृति के सापेक्ष में 11वीं-12वीं कला वर्ग में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, भूगोल और राजनीति विज्ञान में भी प्रवेश शुरू कर दिए। लेकिन अब पदों की स्वीकृति के बिना क्लास चलाना मुश्किल हो रहा है।
प्रधानाचार्य सुंदर सिंह नेगी का कहना है, कि यहां कला वर्ग की पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या अधिक है। इस कारण कला वर्ग में प्रवेश दिए गए थे। लेकिन अब क्लास चलाना मुश्किल हो रहा है। एलटी के टीचरों से किसी तरह व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इंटर मीडिएट कला वर्ग में प्रवक्ताओं के पद सृजित करने के लिए शिक्षक अभिभावक संघ की ओर से लगातार प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
इस मामले में निदेशालय स्तर से ही निर्णय लिया जाना है। पद सृजित हो जाते तो कला वर्ग की नियमित शिक्षण कार्य होने के साथ ही एलटी के शिक्षकों का बोझ भी कम होता।