जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : बच्चों को नशे और साइबर अपराध से बचाने के साथ ही बाल शोषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस की ओर से झंडीचौड़ स्थित पृथ्वी विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीम ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न खतरों से बचने के तरीके बताए।

कार्यशाला के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को सीएसएएम (चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल) के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। बताया गया कि बच्चों से संबंधित अश्लील या शोषणकारी डिजिटल सामग्री तैयार करना, डाउनलोड करना, अपने पास रखना अथवा किसी के साथ साझा करना गंभीर अपराध है। बच्चों को सलाह दी गई कि मोबाइल या सोशल मीडिया पर ऐसी कोई सामग्री सामने आने पर उसे डाउनलोड या शेयर न करें और तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधों पर संबंधित एजेंसियों की निगरानी रहती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। बच्चों को साइबर ठगी और साइबर बुलिंग से बचाव के साथ सोशल मीडिया का सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई। कार्यशाला में गुड टच और बैड टच के बारे में भी बच्चों को समझाया गया। पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार या असहज स्थिति सामने आने पर उसे छिपाने के बजाय तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताएं। इसके अलावा बच्चों को नशे के दुष्परिणामों और गलत संगति से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने का आह्वान किया गया। पुलिस टीम ने बच्चों से सजग रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।