गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग के पर्थाडीप में भूस्खलन के कारण करीब छह घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। इस कारण जाम लग गया और करीब 500 तीर्थयात्री फंसे रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से छोटे वाहनों की आवाजाही नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण सड़क से करवाई गई। पर्थाडीप में बारिश होने पर फिर से भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है।
पर्थाडीप में फिर से भूस्खलन सक्रिय हो गया है। यहां पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा हाईवे पर गिर रहा है जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बीते दिनों यहां एनएचआईडीसीएल की ओर से हाईवे के करीब 20 मीटर हिस्से को आरसीसी रोड में तब्दील किया गया जबकि लगभग 40 मीटर हिस्से में मलबे का निस्तारण किया गया। मगर भारी बारिश के कारण भूस्खलन फिर से शुरू हो गया है। शुक्रवार को बारिश के बीच सुबह छह बजे हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गिरा और हाईवे बंद हो गया। इस कारण हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
सुबह आठ बजे वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से छोटे वाहनों को सैकोट सड़क से भेजा गया। बारिश बंद होने के बाद एनएचआईडीसीएल की ओर से दो जेसीबी से मलबा हटाया गया और दोपहर करीब 12 बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई।
इस दौरान बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे और यात्रा कर लौट रहे करीब 500 तीर्थयात्री भी घंटों जाम में फंसे रहे। एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि पर्थाडीप में दो मशीनों को 24 घंटे तैनात किया गया है। मौसम सामान्य होने पर भूस्खलन क्षेत्र का उपचार किया जाएगा।