उत्तरकाशी /बड़कोट। गंगोत्री हाईवे पर पापड़गाड के समीप लगातार सड़क धंसने के कारण आवाजाही करीब तीन घंटे तक बंद रही। इससे कांवड़ यात्रियों के वाहनों का लंबा जाम लगा रहा। उसके बाद बीआरओ ने वहां पर मिट्टी से सड़क की दरारों को भरकर आवाजाही शुरू करवाई। सड़क धंसने के कारण हाईवे और उसके पुल के बीच करीब दस मीटर चढ़ाई पर भारी वाहनों के फंसने के कारण खतरा बना है। वहीं, यमुनोत्री हाईवे शुक्रवार सुबह जगह-जगह मलबा गिरने से करीब चार घंटे तक बाधित रहा।पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत ने कहा कि पापड़गाड के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू-धंसाव पिछले कई वर्षों से हो रहा है लेकिन इसकी सुरक्षा के लिए बीआरओ की ओर से अभी तक उचित कदम नहीं उठाए गए हैं।
उन्होंने सड़क की सुरक्षा के लिए स्थायी ट्रीटमेंट की मांग की है। दूसरी ओर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार सुबह जगह-जगह मलबा आने से करीब चार घंटे तक बाधित रहा। एनएच की टीम ने मशीनें लगाकर करीब नौ बजे मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया लेकिन सिलाई बैंड सहित कई संवेदनशील स्थानों पर अभी भी आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पुलिस और एनएच की टीम लगातार मौके पर निगरानी बनाए हुए है। सिलाई बैंड पर पहाड़ी से लटके चट्टानी मलबे और पत्थरों के कारण लगातार खतरा बना हुआ है।