नई दिल्ली ,। देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू (॥1हृ1) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, खांसी-जुकाम, सिरदर्द और बदन दर्द के मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में कई लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय सीधे मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीदकर खुद ही अपना इलाज कर रहे हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाइए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बिना टेस्ट कराए खुद से एंटीबायोटिक लेना आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
वायरल इन्फेक्शन में बिल्कुल बेअसर हैं एंटीबायोटिक दवाएं
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुलदीप कुमार का कहना है कि खांसी, जुकाम और बुखार के साथ ओपीडी में आ रहे मरीजों में कई लोग स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ‘एÓ वायरस से होने वाला संक्रमण है, यह कोई बैक्टीरियल बीमारी नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्टीरिया को मारती हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता। बुखार में बिना जरूरत एंटीबायोटिक खाने से शरीर में ‘एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंसÓ पैदा हो जाता है, जिससे भविष्य में किसी गंभीर बीमारी के दौरान असली संक्रमण पर भी ये दवाएं काम करना बंद कर देती हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, ये है सही इलाज
स्वाइन फ्लू की चपेट में आने पर मरीज को 100 से 104 डिग्री तक तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में दर्द, बंद नाक, सिरदर्द, शरीर में टूटन और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में भारी तकलीफ भी देखी जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक, इन लक्षणों के आधार पर टेस्ट किया जाता है और स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर मरीज की स्थिति के अनुसार एंटीवायरल दवा दी जाती है। ‘टैमीफ्लूÓ (ओसेल्टामिविर) एक ऐसी ही कारगर दवा है, जिसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह और तय प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है। सही समय पर इलाज शुरू होने से मरीज को गंभीर हालत में जाने से बचाया जा सकता है।
इन लोगों की जान पर मंडरा रहा है सबसे ज्यादा खतरा
दिल्ली के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कमलजीत सिंह कैंथ का कहना है कि ज्यादातर लोग स्वाइन फ्लू से कुछ ही दिनों में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह वायरस जानलेवा रूप ले सकता है। 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इस मौसम में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे लोगों को फ्लू के हल्के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और घर पर खुद से दवा खाने से बचना चाहिए।