नई दिल्ली , मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में युवाओं और महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। सरकार मंत्रिमंडल को युवा चेहरा देने के साथ-साथ नए सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों की कुल संख्या बढ़ाकर करीब 75 करने और महिला मंत्रियों की संख्या मौजूदा सात से बढ़ाकर कम से कम 12 करने की योजना पर मंथन चल रहा है।
मंत्रिमंडल में 50 वर्ष से कम उम्र के मंत्रियों की हिस्सेदारी मौजूदा 24 प्रतिशत से बढ़ाकर करीब 40 प्रतिशत किए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के दौरे से 2 सितंबर को लौटने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की योजना को अंतिम रूप दे सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, संभावित विस्तार में नए सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देने के साथ युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा आगामी चुनाव वाले राज्यों के राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
वर्तमान में मंत्रिमंडल में सात महिला मंत्री हैं। विस्तार के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर कम से कम 12 किए जाने की तैयारी है। वहीं, 50 वर्ष से कम उम्र के मंत्रियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। फिलहाल 50 वर्ष से कम आयु के केवल 17 मंत्री हैं, जबकि 40 वर्ष से कम उम्र के महज दो राज्यमंत्री हैं।
इस बार मंत्रिमंडल में न केवल युवा चेहरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है, बल्कि 40 वर्ष से कम उम्र के कम से कम पांच मंत्रियों को जगह देने की योजना भी बताई जा रही है। इससे सरकार में युवा नेतृत्व को और मजबूत संदेश देने की कोशिश होगी।
मंत्रिमंडल में फिलहाल 70 वर्ष से अधिक उम्र के 12 मंत्री हैं। संभावित विस्तार में इनमें से करीब एक चौथाई को पद से हटाया जा सकता है। वहीं, 51 वर्ष से अधिक उम्र के मंत्रियों की संख्या भी कम करने की योजना है। वर्तमान में करीब 65 प्रतिशत मंत्री 51 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, जिसे विस्तार के बाद घटाकर लगभग 50 प्रतिशत करने पर विचार किया जा रहा है।