भारत-रोमानिया आर्थिक संबंधों को नई गति : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोमानियाई कंपनियों को भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का दिया आह्वान

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बुखारेस्ट/नई दिल्ली , भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में आयोजित भारत-रोमानिया व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने रोमानियाई कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन, वहां की सरकार के सदस्य, भारत और रोमानिया के प्रमुख उद्योगपति तथा दोनों देशों के उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यूरोप के महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु पर स्थित रोमानिया अपनी रणनीतिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन, उन्नत औद्योगिक क्षमता और यूरोपीय संघ के साथ मजबूत एकीकरण के कारण भारत का स्वाभाविक और महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि रोमानिया केवल निवेश का आकर्षक केंद्र ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोपीय बाजार तक पहुंच का प्रमुख द्वार भी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि भारतीय उद्योग जगत का रोमानिया में उपलब्ध अवसरों पर भरोसा बढ़ रहा है और वह वहां दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी स्थापित करना चाहता है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर दिया जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार एवं आर्थिक सहयोग दोनों पक्षों की समकालीन साझेदारी का मजबूत आधार है। लगभग दो अरब लोगों के संयुक्त बाजार और करीब 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त अर्थव्यवस्था के साथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) विश्व की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक होगा।
उन्होंने कहा कि इस समझौते का शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन व्यापारिक एकीकरण को मजबूत करेगा, निवेश प्रवाह बढ़ाएगा तथा मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण में सहायक होगा। साथ ही इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, नवाचारकर्ताओं और नवप्रवर्तन आधारित उद्यमों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

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