जालना, महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान एक आंदोलनकारी की मौत से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान बीड जिले के धारूर तालुका के संगम गांव निवासी 40 वर्षीय दशरथ शिवाजी रायकर के रूप में हुई है। उनकी मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक तौर पर हृदयाघात की आशंका जताई जा रही है। शव का अंत्यपरीक्षण कराया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दशरथ रायकर अपने गांव के अन्य मराठा आंदोलनकारियों के साथ मनोज जरांगे के आंदोलन को समर्थन देने अंतरवाली सराटी पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया और रात में वहीं एक खेत में सो गए। सुबह काफी देर तक नहीं उठने पर उनके साथियों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद दशरथ रायकर को तत्काल अंबड के उपजिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में शव का अंत्यपरीक्षण कराया गया है। पुलिस अब मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।
दशरथ रायकर के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। परिजनों और रिश्तेदारों के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उनकी मौत के बाद रिश्तेदारों ने महाराष्ट्र सरकार से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
परिजनों ने यह भी मांग की है कि दशरथ रायकर के बच्चों को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।
मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों ने गुरुवार, 3 सितंबर को ‘जालना जिला बंदÓ का आह्वान किया था। इसके अलावा आंदोलनकारियों की ओर से रास्ता रोको आंदोलन की भी घोषणा की गई थी। हालांकि, भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने अंतरवाली सराटी पहुंचकर मनोज जरांगे से बातचीत की।